उप्र: आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद दिया इस्तीफा

उप्र: आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद दिया इस्तीफा

उप्र: आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद दिया इस्तीफा
Modified Date: August 30, 2026 / 10:37 pm IST
Published Date: August 30, 2026 10:37 pm IST

देवरिया, 30 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी और देवरिया की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

मित्तल ने बताया कि उन्होंने अभी अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं किया है।

वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी मित्तल ने ‘एक्स’ पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए लिखा, ‘‘आज (रविवार को ) मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए आईएएस से त्यागपत्र दे दिया है।’’

उन्होंने हालांकि इस्तीफा देने के पीछे कोई कारण नहीं बताया।

मित्तल ने अपने प्रशासनिक सफर को याद करते हुए कहा कि वह एक साधारण माहौल में पली-बढ़ीं और एक अच्छा व सफल जीवन जीने का सपना देखती थीं।

उन्होंने आईआईटी-दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए करने के बाद लंदन में नौकरी की लेकिन बाद में भारत लौट आईं।

उन्होंने लिखा, ‘‘सब कुछ हासिल करने के बाद भी कुछ अधूरापन महसूस होता था। अपने देश में न होना खलता था।’’

मित्तल ने कहा कि उनकी शिक्षा, आत्मविश्वास और दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की क्षमता इस मिट्टी का कर्ज थी, जिसे उन्हें चुकाना था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं वापस लौटी और सौभाग्य से आईएएस अधिकारी बनी।’’

पूर्व अधिकारी ने अपनी तैनाती के अनुभवों को साझा करते हुए कहा, “ देवरिया ने उन्हें सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, बल्कि कर्तव्य है। वहीं, मिर्जापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बल्कि केवल एक राय है।”

उन्होंने कहा, ‘‘मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, बल्कि उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है।’’

मित्तल ने कहा कि सेवा के दौरान जरूरतमंद परिवारों, दिव्यांगों और किसानों के लिए काम करते हुए उन्हें महसूस हुआ कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक इंसान होता है।

हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली मित्तल ने लंदन में नौकरी करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ दी थी।

उन्होंने 2013 में अपने दूसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास की और 68वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनीं।

इससे पहले 2012 में अपने पहले प्रयास में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए हुआ था।

उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के रूप में तैनाती से पहले मित्तल संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं।

मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए वह उस समय चर्चा में आई थीं, जब आजादी के 75 साल बाद हलिया ब्लॉक के सुदूर पहाड़ी गांव लहुरियादाह में पहली बार नल से पानी पहुंचा था।

देवरिया में उनके कार्यकाल को सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और कई कड़े प्रशासनिक फैसलों के लिए याद किया जाता है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमें अभी तक उनका इस्तीफा नहीं मिला है।’’

उन्होंने बताया कि औपचारिक रूप से पत्र मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मित्तल से जब पूछा गया कि क्या वह राजनीति में आएंगी, कोई कारोबार करेंगी या किसी कंपनी से जुड़ेंगी, तो उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने इस बारे में कुछ भी तय नहीं किया है।

भाषा सं आनन्द सलीम जितेंद्र

जितेंद्र


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