उप्र : बरेली में अवैध रूप से निर्मित मस्जिद को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त किया
उप्र : बरेली में अवैध रूप से निर्मित मस्जिद को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त किया
बरेली, सात फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में अवैध रूप से निर्मित मस्जिद को प्रशासन ने शनिवार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
सदर क्षेत्र के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) प्रमोद कुमार ने बताया कि यह मस्जिद जिले की सदर तहसील के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में पिपरिया गांव में थी। राजस्व अभिलेखों में श्रेणी-5 की सरकारी बंजर भूमि पर बनी हुई थी। इस जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा किया गया था।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने यह करवाई दीवानी अदालत के आदेश पर की है। इस अवैध ढांचे को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया गया है।
एसडीएम कुमार ने बताया कि 18 साल लंबी चली कानूनी जंग, बेदखली के बाद कार्रवाई हुई। इस जमीन को लेकर कानूनी विवाद साल 2008 से ही चल रहा था।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले तहसीलदार अदालत ने इस निर्माण को अवैध मानते हुए बेदखली के आदेश पारित किए थे। इसके बाद दूसरा पक्ष राहत के लिए दीवानी अदालत गया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और उनका मुकदमा खारिज कर दिया गया। जैसे ही अदालत की बाधाएं दूर हुईं, प्रशासन ने पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शनिवार को शुरू कर दी।
कुमार ने बताया कि ग्राम पिपरिया में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण पाया गया था। न्यायालय के निर्देश मिलने के बाद संबंधित पक्ष को जगह खाली करने के लिए नोटिस जारी किए गए, लेकिन अनुपालन न होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
वहीं, मोहम्मद उमर का कहना है कि मस्जिद-ए-आला हजरत लगभग 50 वर्ष पुरानी है और आज बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर से इसे गिरा दिया गया।
एसडीएम ने कहा कि करीब 300 वर्ग गज जमीन मुक्त हुई। कार्रवाई के दौरान एसडीएम ने बताया कि बेदखली की प्रक्रिया के तहत कब्जा करने वाले पक्ष पर जुर्माना भी लगाया गया था, जिसे उन्होंने पहले ही जमा कर दिया था।
करीब 300 वर्गगज में फैली इस मस्जिद को गिराने के दौरान गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवानों ने पूरे इलाके को घेरे रखा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मस्जिद को जमींदोज करने के बाद उसके मलबे को भी बुलडोजर से हटाया गया। मलबे को ट्रॉलियों में भरकर ले जाया जा रहा है।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत

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