वाराणसी शहर में जलभराव का मामला : लापरवाही के आरोप में अधिशासी अभियंता निलंबित

वाराणसी शहर में जलभराव का मामला : लापरवाही के आरोप में अधिशासी अभियंता निलंबित

वाराणसी शहर में जलभराव का मामला : लापरवाही के आरोप में अधिशासी अभियंता निलंबित
Modified Date: September 14, 2026 / 07:29 pm IST
Published Date: September 14, 2026 7:29 pm IST

लखनऊ, 14 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में जलभराव के मामले में कथित लापरवाही के लिए जल निगम के अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। सोमवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार ने जनसमस्याओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है। वाराणसी में जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के निर्माण खंड में तैनात अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है।

बयान में कहा गया कि गुप्ता के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के अंतर्गत अनुशासनिक जांच कराई जा रही है।

नगर विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य अभियंता (क्रय), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), लखनऊ को इस प्रकरण में पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

बयान के मुताबिक प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन पर नदी का पानी शहर में दाखिल होने से रोकने के लिए आवश्यक गेट/बैरियर लगाने संबंधी आकलन और कार्ययोजना तैयार नहीं की गई। इसके अलावा उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

जांच में यह भी सामने आया कि तीन और चार सितंबर को चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन तथा गोइठहां अवजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) पर स्थित पम्प बंद रखे गए।

बयान के मुताबिक भारी बारिश के दौरान समय से पंप का संचालन नहीं होने से सीवर लाइन पर अत्यधिक दबाव पड़ा और शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और विभाग की छवि भी प्रभावित हुई।

नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने 12 और 13 सितंबर को वाराणसी दौरे के दौरान जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया था। उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी की व्यवस्था युद्धस्तर पर सुनिश्चित करने और आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए थे।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलभराव की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

बयान के मुताबिक गुप्ता को निलंबन अवधि में मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), कानपुर कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

भाषा आनन्द

धीरज

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