लखनऊ/हाथरस (उप्र) चार अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने छात्राओं के यौन शोषण के आरोपी कॉलेज प्रोफेसर के अदालत से बरी होने के मामले में शनिवार को कहा कि अगर शिकायतकर्ता या पीड़ित पक्ष आयोग के पास आता है तो वह इस मुद्दे को उठाएंगी।
चौहान एचपीवी टीकाकरण अभियान का उद्घाटन करने के लिए हाथरस में थीं।
उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हम माननीय अदालत द्वारा दिए गए फैसले का सम्मान करते हैं। अगर शिकायतकर्ता या पीड़ित पक्ष राज्य महिला आयोग से संपर्क करता है, तो हम मामले को उठाएंगे।’’
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की एक अदालत ने हाल ही में प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में मदद करने और नौकरी दिलाने के बहाने छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोपी एक कॉलेज प्रोफेसर को बरी कर दिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश महेंद्र कुमार की अदालत ने सबूतों की कमी और कथित पीड़ितों के बयानों की पुष्टि न होने का हवाला देते हुए 24 मार्च को आदेश पारित किया था।
डिग्री कॉलेज में भूगोल के प्रोफेसर रजनीश कुमार पर छात्राओं के यौन शोषण के आरोप लगे थे। हालाँकि, मुकदमे के दौरान, किसी भी गवाह या पीड़िता ने अदालत में आरोपों की पुष्टि नहीं की।
अदालत ने कहा कि प्रोफेसर के खिलाफ आरोपों को उचित संदेह से परे साबित नहीं किया जा सका।
यह मामला तब सामने आया था जब एक छात्रा ने 6 मार्च, 2025 को महिला आयोग को पत्र लिखा। प्रारंभिक जांच के बाद, पुलिस ने मामला दर्ज किया था और आरोपी के फरार होने के बाद उसे प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया था।
बाद में, अदालत में आरोपपत्र दायर किया गया और मुकदमे के दौरान कुमार जमानत पर बाहर थे।
भाषा सं जफर
पवनेश नेत्रपाल
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