गोरखपुर, 25 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग पर बल देते हुए जागरुकता बढ़ाने की पहल की है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों ने बताया कि उप्र महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान की अध्यक्षता में महिलाओं के सशक्तीकरण और सुरक्षा पर संयुक्त जागरुकता कार्यक्रम तथा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना था।
इस कार्यक्रम के दौरान मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के एआई विशेषज्ञ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुति दी। वहीं, पुलिस विभाग ने मानव तस्करी की रोकथाम और उससे निपटने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी।
अधिकारियों ने 1090 (महिला पावर लाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन) और 112 (आपातकालीन सेवा) जैसे प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव, आत्मरक्षा के उपायों और महिलाओं के कानूनी अधिकारों के बारे में भी जागरूक किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. चौहान ने विभिन्न विभागों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि आयोग चौबीसों घंटे सक्रिय है। उन्होंने बताया कि पीड़ित महिलाएं व्हाट्सएप, ईमेल या हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशील है, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है।
इस अवसर पर आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, अपर्णा यादव, अन्य सदस्य, पुलिस अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत