CM Pushkar Singh Dhami: प्लास्टिक मुक्त रहेगी केदारनाथ यात्रा, ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सीएम धामी, खुद जांचीं तैयारियां, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

CM Pushkar Singh Dhami: प्लास्टिक मुक्त रहेगी केदारनाथ यात्रा, ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सीएम धामी, खुद जांचीं तैयारियां, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

CM Pushkar Singh Dhami: प्लास्टिक मुक्त रहेगी केदारनाथ यात्रा, ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सीएम धामी, खुद जांचीं तैयारियां, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

CM Pushkar Singh Dhami | Photo Credit: @DIPR_UK

Modified Date: April 17, 2026 / 01:31 pm IST
Published Date: April 17, 2026 1:21 pm IST
HIGHLIGHTS
  • चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी, इसे ‘हरित यात्रा’ के रूप में आयोजित किया जाएगा
  • यात्रा को प्लास्टिक-मुक्त बनाने पर विशेष जोर, सख्त SOP के साथ हेलीकॉप्टर सेवाएँ
  • गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिरों के कपाट क्रमशः 19, 22 और 23 अप्रैल को खुलेंगे

देहरादून: CM Pushkar Singh Dhami उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा (Chardham yatra 2026) को प्लास्टिक-मुक्त बनाने पर विशेष जोर देते हुए इसे ‘हरित यात्रा’ के रूप में आयोजित किया जाएगा। प्रदेश में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए रुद्रप्रयाग पहुंचे मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि इस बार यात्रा को प्लास्टिक-मुक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और इसे ‘हरित यात्रा’ के रूप में आयोजित किया जाएगा।

CM Pushkar Singh Dhami मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य यात्रा शुरू होने से पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इससे पहले, धामी ने रुद्रप्रयाग पहुंचकर श्रद्धालुओं की आवाजाही की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक कार से यात्रा की। इस दौरान उन्होंने जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा में हटाए गए अतिक्रमण, बांसवाड़ा और कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। केंद्रीय गृह मंत्रालय में अपर सचिव अनुज शर्मा ने राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा प्रबंधन सहित अन्य तैयारियों की जानकारी ली और यात्रा को सुगम, सुरक्षित तथा व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि किसी आपदा या आकस्मिक स्थिति में यदि यात्रा अस्थायी रूप से रोकनी पड़े, तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यात्रियों को स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा से संबंधित जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए। हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि घाटी क्षेत्रों में उड़ान का पर्याप्त अनुभव रखने वाले पायलट ही तैनात किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे स्थानीय भौगोलिक एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हों।

उन्होंने हेली संचालन में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। इस संबंध में मुख्यमंत्री धामी ने संवाददाताओं से कहा कि पहले ही सख्त एसओपी बनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हेली सेवाएं केवल व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि यात्रियों की सुविधा के लिए संचालित होंगी और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल को उत्तरकाशी जिले स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा की शुरुआत होगी। इसके बाद 22 अप्रैल को रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ और 23 अप्रैल को चमोली जिले में बदरीनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

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