शहमात The Big Debate: गौठान की जगह शराब दुकान.. मच गया सियासी घमासान! कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, आखिर इस निर्णय के पीछे का क्या है मकसद? देखिए वीडियो

गौठान की जगह शराब दुकान.. मच गया सियासी घमासान! कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, Liquor Shop in Place of Gauthan

शहमात The Big Debate: गौठान की जगह शराब दुकान.. मच गया सियासी घमासान! कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, आखिर इस निर्णय के पीछे का क्या है मकसद? देखिए वीडियो

Liquor Shop in Gauthan. Image Source- IBC24

Modified Date: April 17, 2026 / 12:36 am IST
Published Date: April 17, 2026 12:36 am IST

रायपुरः Liquor Shop in Gauthan  छत्तीसगढ़ की सड़कों को घुमंतु गौवंश से मुक्ति दिलाते हुए उन्हें सुरक्षित रखने पिछली कांग्रेस सरकार ने सैंकड़ों गौठान खोलीं, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि अब उन्हीं गौठानों को बंद कर उनमें शराब दुकानें खोली जा रही हैं। दरअसल, राजनांदगांव में एक बंद गौठान में सरकारी शराब दुकान खोलने को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। ये जमीन ग्राम पंचायत के अधीन है। इस शराब दुकान से पंचायत को हर माह 30 हजार रुपये किराया भी मिल रहा है। पीसीसी चीफ बैज ने सरकार की सोच पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने गौठान बनाकर गौ माता के संरक्षण और सेवा का प्रयास किया, जबकि भाजपा सरकार उन्हीं गौठानों को कमियां गिनाकर बंद कर उनमें शराब भट्टी खोल रही है।

Liquor Shop in Gauthan  बैज ने सरकार की नीयत और प्राथमिकता पर सवाल उठाए तो मंत्री टंकराम वर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि मौजूदा सरकार गौ-संवर्धन और विकास में संतुलन बनाते हुए दोनों पर काम कर रही है। दरअसल, छत्तीसगढ़ में गाय और गौवंश की सुरक्षा बड़ा मुद्दा रहा है। मुद्दा लोगों से भावनात्मक तौर पर जुड़ता भी है। पिछली भूपेश सरकार ने आवारा गौवंश के संरक्षण के लिए गौठान योजना शुरू की, जिसके तहत गांव-गांव में 10 हजार से ज्यादा गौठान बनाने का दावा किया।

दावा था कि इससे ना सिर्फ घुमंतु गौवंश सड़क पर नहीं दिखेंगे। गोवंश सुरक्षित रहेंगे और हादसे कम होंगे, लेकिन बीजेपी ने तब विपक्ष में रहते उसे भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा जरिया बताया। सरकार बदली तो बीजेपी सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कई गौठानों को बंद कर दिया। सवाल है कि क्या वाकई गौठानों में शराब दुकाने खोलीं गईं? क्या विपक्ष के सवालों का सरकार के पास जवाब है?


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।