अमेरिका में वीजा धोखाधड़ी के मामले में 11 भारतीय नागरिकों पर आरोप लगाए गए

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अमेरिका में वीजा धोखाधड़ी के मामले में 11 भारतीय नागरिकों पर आरोप लगाए गए

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  • Publish Date - March 14, 2026 / 10:16 AM IST,
    Updated On - March 14, 2026 / 10:16 AM IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 14 मार्च (भाषा) अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 11 भारतीय नागरिकों पर वीजा धोखाधड़ी के लिए दुकानों में फर्जी हथियारबंद डकैती की साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि संदिग्धों पर फर्जी डकैतियों को अंजाम देने का आरोप है ताकि दुकान के लिपिक ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए आव्रजन आवेदनों में खुद को अपराध का शिकार बता सकें।

इन 11 लोगों में 39 वर्षीय जीतेंद्रकुमार पटेल, 36 वर्षीय महेशकुमार पटेल, 45 वर्षीय संजयकुमार पटेल, 40 वर्षीय दीपिकाबेन पटेल, 52 वर्षीय रमेशभाई पटेल, 43 वर्षीय अमिताबहेन पटेल, 28 वर्षीय रौनककुमार पटेल, 36 वर्षीय संगीताबेन पटेल, 42 वर्षीय मिंकेश पटेल, 42 वर्षीय सोनल पटेल और 40 वर्षीय मितुल पटेल शामिल हैं जिन पर वीजा धोखाधड़ी की साजिश रचने का आरोप है।

ये सभी अमेरिका के विभिन्न राज्यों जैसे मैसाचुसेट्स, केंटुकी और ओहायो में गैरकानूनी रूप से रह रहे थे।

न्याय मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मैसाचुसेट्स के वेमाउथ में अवैध रूप से रह रही दीपिकाबेन को भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया था।

जितेंद्रकुमार, महेशकुमार, संजयकुमार, अमिताबहेन, संगीताबेन और मितुल को मैसाचुसेट्स में गिरफ्तार किया गया था और शुक्रवार को बोस्टन में संघीय अदालत में प्रारंभिक पेशी के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

रमेशभाई, रौनककुमार, सोनल और मिनकेश को गिरफ्तार कर लिया गया और उनकी प्रारंभिक पेशी केंटुकी, मिसौरी और ओहायो में हुई। वे बाद में बोस्टन की संघीय अदालत में पेश होंगे।

आरोप पत्र के अनुसार, मार्च 2023 में रामभाई और उसके सह-साजिशकर्ताओं ने मैसाचुसेट्स और अन्य जगहों पर कम से कम छह दुकानों/शराब की दुकानों और फास्ट फूड रेस्तरां में फर्जी हथियारबंद डकैती की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।

यह आरोप लगाया गया है कि इन नकली डकैतियों का उद्देश्य यह था कि वहां मौजूद लिपिक बाद में यू गैर-आव्रजन दर्जा (यू वीजा) के लिए आवेदन करते समय यह झूठा दावा कर सकें कि वे किसी हिंसक अपराध के पीड़ित रहे हैं।

यू वीजा कुछ खास अपराधों के पीड़ितों के लिए उपलब्ध होता है, जिन्होंने मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न झेला हो और आपराधिक गतिविधियों की जांच या मुकदमे में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद की हो। यू वीजा मिलने पर व्यक्ति को अमेरिका में काम करने की अनुमति मिलती है और लगभग पांच से 10 साल के भीतर ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता भी खुल सकता है।

भाषा सुरभि सिम्मी

सिम्मी