रूसी तेल पर 30 दिन की छूट: व्हाइट हाउस ने भारत को बताया ‘अच्छा सहयोगी’

रूसी तेल पर 30 दिन की छूट: व्हाइट हाउस ने भारत को बताया ‘अच्छा सहयोगी’

रूसी तेल पर 30 दिन की छूट: व्हाइट हाउस ने भारत को बताया ‘अच्छा सहयोगी’
Modified Date: March 11, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: March 11, 2026 4:27 pm IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन, 11 मार्च (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के एक अधिकारी ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए उसने भारत को अस्थायी रूप से उन रूसी तेल खेपों को ‘स्वीकार करने’ की अनुमति दी है जो पहले से जहाज़ों में लदी हुई थीं। अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत में अमेरिका के सहयोगी ‘अच्छे भागीदार’ हैं।

अमेरिका ने पिछले सप्ताह कहा था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के मद्देनजर वह भारतीय रिफाइनरियों को अस्थायी तौर पर रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए 30 दिनों की छूट दे रहा है।

‘व्हाइट हाउस’ की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम इस फैसले पर इसलिए पहुंची, क्योंकि भारत में हमारे सहयोगियों ने अच्छा व्यवहार किया है और उन्होंने प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना पहले ही बंद कर दिया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ईरानियों की वजह से दुनिया भर में तेल आपूर्ति में आई अस्थायी कमी को दूर करने की हमारी कोशिशों के बीच हमने उन्हें (भारत को) रूसी तेल स्वीकार करने की अस्थायी अनुमति दी है। यह रूसी तेल पहले से समुद्र में था। हमें नहीं लगता कि इस अल्पकालिक कदम से रूस सरकार को इस समय कोई बड़ा वित्तीय लाभ होगा।’’

लेविट ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष की पृष्ठभूमि में भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट देने संबंधी अमेरिकी फैसले को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए यह टिप्पणी की।

उनकी टिप्पणियों की भारत में तीखी आलोचना हुई और कांग्रेस ने कहा कि उनके बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए ‘आत्मसमर्पण का प्रमाण पत्र’ है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘‘अमेरिकी वित्त मंत्री के बाद, अब राष्ट्रपति ट्रंप के प्रेस सचिव की बारी है कि वह प्रधानमंत्री मोदी को आत्मसमर्पण प्रमाणपत्र दें।’’

उनके अनुसार, मोदी सरकार ने रूस से तेल के आयात को रोकने पर सहमति व्यक्त करके अच्छा व्यवहार किया है और एक इनाम के रूप में अब उसे 30 दिनों की अवधि के लिए ऐसा करने की अनुमति दी गई है।

आलोचनाओं के बीच भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत, दुनिया भर में तेल की स्थिर कीमतें बनाए रखने में एक “महान सहयोगी” रहा है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमेरिका इस प्रयास के हिस्से के रूप में रूसी तेल की लगातार खरीद को मान्यता देता है। भारत तेल का सबसे बड़ा उपभोक्ता और शोधक है, और दोनों देशों के नागरिकों के वास्ते बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए अमेरिका और भारत का कदम से कदम मिलाकर चलना आवश्यक है।’’

अमेरिका ने ईरान के साथ संघर्ष के बीच पिछले सप्ताह कहा था कि वह भारतीय रिफाइनरी को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देते हुए 30 दिन की अस्थायी छूट जारी कर रहा है।

ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क लगाया था और अमेरिकी प्रशासन ने आरोप लगाया था कि नयी दिल्ली की खरीद से यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस को मदद मिल रही है।

इसके बाद, पिछले महीने अमेरिका और भारत ने घोषणा की थी कि उन्होंने व्यापार पर एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली है। इसके साथ ही ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क को हटाने संबंधी एक शासकीय आदेश जारी किया था।

उन्होंने कहा था कि भारत ने मॉस्को से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ऊर्जा आयात बंद करने और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

भाषा

सुरेश नरेश

नरेश


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