गाजा में इजराइल के हमले में 34 लोग मारे गए: स्वास्थ्य अधिकारी

गाजा में इजराइल के हमले में 34 लोग मारे गए: स्वास्थ्य अधिकारी

गाजा में इजराइल के हमले में 34 लोग मारे गए: स्वास्थ्य अधिकारी
Modified Date: September 21, 2025 / 07:13 pm IST
Published Date: September 21, 2025 7:13 pm IST

काहिरा, 21 सितंबर (एपी) गाजा सिटी पर रात भर हुए हमलों में बच्चों सहित कम से कम 34 लोग मारे गए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

इजराइल द्वारा यह हमला कई देशों की ओर से फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने की तैयारी के बीच किया गया है।

शिफा अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में शनिवार देर रात शहर के दक्षिणी हिस्से में एक रिहायशी इलाके में हुई गोलीबारी में मारे गए 14 लोग भी शामिल हैं। अधिकतर शव शिफा अस्पताल ही लाये गए थे।

स्वास्थ्य प्राधिकारियों ने बताया कि मृतकों में अस्पताल में कार्यरत एक पुरुष नर्स, उसकी पत्नी और तीन बच्चे भी शामिल हैं।

इजराइल ने हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की।

इस सप्ताह शुरू हुए इजराइली अभियान ने पश्चिम एशिया में उथल-पुथल मचाने वाले संघर्ष को और बढ़ा दिया है और संभवतः किसी भी युद्धविराम की संभावना को और क्षीण कर दिया है। इजराइली सेना ने फलस्तीनियों से वहां से चले जाने का आग्रह किया है।

इजराइली दूतावास ने इस अभियान की कोई समय-सीमा नहीं बतायी है, लेकिन संकेत हैं कि इसमें महीनों लग सकते हैं। इजराइल का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य हमास पर बंधकों को रिहा करने और आत्मसमर्पण करने के लिए दबाव डालना है।

शनिवार रात को ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ प्रमुख पश्चिमी देश सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व नेताओं की सभा में फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने की तैयारी में हैं। इनमें ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, माल्टा, बेल्जियम और लक्जमबर्ग शामिल हैं। पुर्तगाल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह रविवार को फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देगा।

संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले, इजराइल में शांति कार्यकर्ताओं ने फलस्तीनी राष्ट्र की प्रस्तावित मान्यता का स्वागत किया है। रविवार को, 60 से अधिक यहूदी और अरब शांति एवं सुलह संगठनों के एक समूह ‘इट्स टाइम कोएलिशन’ ने युद्ध की समाप्ति, बंधकों की रिहायी और फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने का आह्वान किया।

शनिवार रात को इजराइल में हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया तथा युद्ध समाप्त करने तथा बंधक समझौते की मांग की।

फिर भी युद्धविराम अब तक संभव नहीं हो पाया है। पिछले 23 महीनों में इजराइली बमबारी में गाजा में 65,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, गाजा पट्टी का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है, लगभग 90 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो गई है और एक भयावह मानवीय संकट पैदा हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गाजा शहर अकाल की स्थिति से गुज़र रहा है।

इजराइल की सेना ने रविवार को एक बयान में बिना कोई सबूत दिए कहा कि उसने माजिद अबू सेल्मिया को मार गिराया है, जो हमास की सैन्य शाखा का एक स्नाइपर था और गाजा सिटी क्षेत्र में और हमले करने की तैयारी कर रहा था।

माजिद, शिफा अस्पताल के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सेल्मिया का भाई था। उन्होंने इन आरोपों को झूठा बताया और कहा कि इजराइल नागरिकों की हत्या को जायज ठहराने की कोशिश कर रहा है। डॉ. सेल्मिया ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि उनका 57 वर्षीय भाई उच्च रक्तचाप, मधुमेह और दृष्टि संबंधी समस्याओं से पीड़ित था।

हमले जारी रहने के बीच, इजराइल ने गाजा सिटी में शरण लिये हुए हजारों फलस्तीनियों को दक्षिण की ओर जाने का आदेश दिया है, जिसे वह मानवीय क्षेत्र कहता है। उसने इस सप्ताह दो दिनों के लिए शहर के दक्षिण में एक और गलियारा खोला है, ताकि अधिक लोग वहां से निकल सकें।

फलस्तीनी लोग कार और पैदल गाजा सिटी से बाहर निकल रहे हैं।

एपी

अमित नरेश

नरेश


लेखक के बारे में