दक्षिण-पश्चिमी जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप से 18 लोगों की मौत, मलबे में जीवित लोगों की तलाश जारी

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दक्षिण-पश्चिमी जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप से 18 लोगों की मौत, मलबे में जीवित लोगों की तलाश जारी

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 07:32 PM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 07:32 PM IST

कुमामोतो (जापान), 29 जुलाई (एपी) सैनिकों और आपातकालीन कर्मियों ने बुधवार को दक्षिण-पश्चिमी जापान में बुरी तरह क्षतिग्रस्त एक शॉपिंग मॉल और ढहे हुए मकानों में फंसे जीवित लोगों की तलाश की। शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है।

दक्षिणी मुख्य द्वीप क्यूशू के कुमामोतो के प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 62 लोग घायल हुए हैं, जिनमें छह की हालत गंभीर है।

भूकंप से सबसे अधिक नुकसान काशिमा शहर स्थित एयॉन मॉल शॉपिंग सेंटर को हुआ, जहां भूकंप के समय हजारों लोग मौजूद थे। कंपनी ने बताया कि करीब 3,000 ग्राहकों को सुरक्षित निकालकर पार्किंग क्षेत्र में पहुंचाया गया। इसके बाद मॉल के एक अन्य हिस्से में गैस विस्फोट हुआ, जहां कुछ लोग काम कर रहे थे।

फुमिका ओनो अपनी बड़ी बहन के साथ एक मॉल में खरीदारी कर रही थीं, तभी जमीन इतनी तेज हिली कि उनका संतुलन बिगड़ गया और उन्हें नीचे झुकना पड़ा। बच्चे चीखने लगे और सामान फर्श पर बिखर गया। 19 वर्षीय फुमिका उन ग्राहकों में शामिल थीं, जो सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

बचावकर्मियों के लिए भीषण गर्मी ने चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि वे तेज धूप और गर्म मौसम के बीच राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने लोग अब भी लापता हैं।

नुयामाजू जिले में 16वीं सदी के एक बौद्ध मंदिर के दो प्रवेश द्वार ढह गए। इनकी पांच साल पहले ही मरम्मत कराई गई थी।

मंदिर की उप मुख्य पुजारी युकी कियोजुमी ने बताया कि भूकंप के दौरान झटके इतने तेज थे कि उन्हें फर्श पर रेंगना पड़ा। वह एक बैठक से लौटकर घर आई थीं और अपनी बिल्ली को खाना खिलाने वाली थीं।

क्षतिग्रस्त सजावटी सामान और फर्नीचर साफ करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा कि हम इन्हें दोबारा बना भी पाएंगे या नहीं।”

भूकंप से सबसे अधिक नुकसान काशिमा शहर स्थित एयॉन मॉल शॉपिंग सेंटर को हुआ, जहां भूकंप के समय हजारों लोग मौजूद थे। कंपनी ने बताया कि मॉल की दूसरी मंजिल ढह गई, जिससे कई लोग फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गैस विस्फोट से भी उतना ही जोरदार कंपन महसूस हुआ, जितना भूकंप के दौरान हुआ था।

एयॉन के अध्यक्ष अकियो योशिदा के अनुसार, मॉल परिसर में तीन लोग अब भी लापता हैं, जबकि चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी।

योशिदा ने कुमामोटो में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम इस बात को गंभीरता से लेते हैं कि विस्फोट हुआ और बहुमूल्य जिंदगियां चली गईं।” इस दौरान उन्होंने दो अन्य अधिकारियों के साथ झुककर माफी भी मांगी।

जापानी मीडिया में प्रसारित मॉल की फुटेज में दिखा कि छत का एक हिस्सा गिर गया और धातु के टुकड़े तथा मलबा बिखर गया। हेलमेट और मास्क पहने बचावकर्मी इलाके में तलाश अभियान चला रहे हैं।

मॉल के पास रहने वाले 74 वर्षीय कियोशी मात्सुनागा ने बताया कि उन्हें लगा था कि उनकी मौत हो जाएगी। उन्होंने बताया कि वह कुछ ब्लॉक दूर एक सुपरमार्केट में थे और खरीदारी की ट्रॉली लेकर भुगतान काउंटर की ओर जा रहे थे, तभी भूकंप आ गया। उन्होंने बताया कि झटकों के दौरान सामान अलमारियों से गिरने लगा और वह हिल भी नहीं पा रहे थे। उन्होंने कहा, “मैं बहुत डर गया था।”

कुमामोतो प्रांत की आपदा टीम के अनुसार, पास के यत्सुशिनो इलाके में निप्पॉन पेपर इंडस्ट्रीज के कारखाने में चिमनी गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य को मलबे से बचा लिया गया। टीम ने बताया कि चार लोगों के अब भी वहां फंसे होने की आशंका है।

विदेशी नागरिक की पहली मौत के मामले में वियतनाम सरकार ने बताया कि एक कारखाने में काम करने वाले वियतनामी तकनीकी प्रशिक्षु की क्रेन गिरने से मौत हो गई। वह जनवरी में जापान पहुंचा था। कारखाने में काम करने वाले सात अन्य वियतनामी प्रशिक्षु सुरक्षित बाहर निकल गए।

वहीं, एक कर्मचारी की वियतनामी पत्नी दीवार गिरने से घायल हो गई और उसका अस्पताल में इलाज जारी है।

कुमामोतो अधिकारियों के अनुसार, करीब 34,900 घरों में अब भी बिजली नहीं है, जबकि लगभग 15,000 घरों में पानी की आपूर्ति बाधित है। 400 से अधिक राहत शिविरों में 8,800 से ज्यादा लोग रह रहे हैं, जहां वातानुकूलन के लिए बिजली व्यवस्था बढ़ाई जा रही है।

जापान के रक्षा बलों ने भी बचाव अभियान में हिस्सा लिया। अग्निशमन कर्मियों समेत सैकड़ों विशेषज्ञ राहत कार्यों में जुटे हैं, जिनमें ताइवान से आए दमकलकर्मी भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा, “कुछ लोग अब भी बचाव का इंतजार कर रहे हैं। हम अधिक से अधिक लोगों को खोजने और बचाने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।”

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रभावित इलाकों में भोजन और अन्य जरूरी सामान भेजने की तैयारी कर रही है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और भूकंप प्रभावित लोगों से भीषण गर्मी में अपना ध्यान रखने की अपील की।

बुलेट ट्रेन सेवाएं निलंबित हैं। हालांकि, आसो कुमामोतो हवाई अड्डे पर बुधवार को संचालन फिर शुरू हो गया, लेकिन एहतियात के तौर पर कुछ एयरलाइनों ने उड़ानें रद्द कर दीं।

कुमामोतो में वर्ष 2016 में भी विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें कम से कम 50 लोगों की मौत हुई थी। जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप जोखिम वाले देशों में से एक है।

एपी अमित नेत्रपाल

नेत्रपाल