अफगानिस्तान संकट : संयुक्त राष्ट्र से शुक्रवार को लौटेंगे विदेश मंत्री जयशंकर

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अफगानिस्तान संकट : संयुक्त राष्ट्र से शुक्रवार को लौटेंगे विदेश मंत्री जयशंकर

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  • Publish Date - August 19, 2021 / 03:30 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:51 PM IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 19 अगस्त (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर शुक्रवार को भारत लौट आएंगे और अफगानिस्तान में जारी घटनाक्रमों के मद्देनजर मेक्सिको, पनामा और गुयाना की यात्रा नहीं करेंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

तालिबान के रविवार को अफगानिस्तान की राजधानी पर कब्जा करने के बाद तनाव, भय और अनिश्चितता की वजह से भारत ने मंगलवार को अपने राजदूत रूद्रेंद्र टंडन और काबुल दूतावास के कर्मचारियों को एक सैन्य परिवहन विमान में वापस देश बुला लिया।

भारत की परिषद की वर्तमान अध्यक्षता के तहत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रौद्योगिकी और शांति स्थापना तथा आतंकवाद रोकथाम विषयों पर बैठकों की अध्यक्षता करने के लिए जयशंकर सोमवार को यहां पहुंचे थे।

भारत के लिए वापस रवाना होने से पहले, वह आतंकवाद की रोकथाम पर उच्च स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे जिसमें परिषद एजेंडा सूची में शामिल विषय ‘आतंकवादी कृत्यों के कारण अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा’ के तहत आईएसआईएल/ दाएश के खतरों पर महासचिव की छह मासिक रिपोर्टों पर चर्चा करेगी।

अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस और अन्य विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें और चर्चाएं की जिनमें खास ध्यान अफगानिस्तान में स्थिति पर दिया गया।

बुधवार को, शांतिरक्षण पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली चर्चा की अध्यक्षता करने के बाद जयशंकर ने सुरक्षा परिषद में संवाददाताओं से कहा कि भारत अफगानिस्तान में घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहा है।

जयशंकर ने एक सवाल के जवाब में कहा, “इस वक्त हम औरों की ही तरह, बहुत ध्यान से अफगानिस्तान में घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं। मेरे विचार में हमारा ध्यान अफगानिस्तान में सुरक्षा सुनिश्चित करने और वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर है।”

उन्होंने कहा, “यहां मेरे कार्यक्रमों में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव और अन्य सहयोगियों का, जो यहां हैं और अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ मेरी बातचीत में … असल में सारा ध्यान इसी बात पर है।”

अफगानिस्तान में पिछले दो दशकों में भारत द्वारा किए गए निवेश से संबंधित एक अन्य सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा, ‘‘आपने निवेश शब्द का इस्तेमाल किया… मेरा मानना है कि इससे अफगान लोगों के साथ हमारे ऐतिहासिक संबंधों का पता चलता है।’’

भाषा

नेहा मनीषा

मनीषा