बर्नहैम-ट्रंप मुलाकात से पहले ब्रिटेन ने ‘अंडरवॉटर ड्रोन’ से अमेरिकी टॉरपीडो का परीक्षण किया

बर्नहैम-ट्रंप मुलाकात से पहले ब्रिटेन ने ‘अंडरवॉटर ड्रोन’ से अमेरिकी टॉरपीडो का परीक्षण किया

बर्नहैम-ट्रंप मुलाकात से पहले ब्रिटेन ने ‘अंडरवॉटर ड्रोन’ से अमेरिकी टॉरपीडो का परीक्षण किया
Modified Date: September 22, 2026 / 04:37 pm IST
Published Date: September 22, 2026 4:37 pm IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 22 सितंबर (भाषा) ब्रिटेन ने प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम की मंगलवार को न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होने वाली पहली मुलाकात से पहले समुद्री क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के प्रतीक के रूप में एक ‘अंडरवॉटर ड्रोन’ से अमेरिकी टॉरपीडो का परीक्षण किया।

दस डाउनिंग स्ट्रीट (ब्रिटिश प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास एवं कार्यालय) ने बताया कि प्लाइमाउथ में बने ड्रोन का इस्तेमाल पहली बार एक ऐसी पनडुब्बी रोधी हथियार प्रणाली के परीक्षण में किया गया, जिसे अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर एयूकेयूएस (ऑकस) कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है।

यह भारी टॉरपीडो जहाजों और गहरे पानी में चलने वाली पनडुब्बियों को नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है। इसे 12 मीटर लंबे और ब्रिटेन निर्मित ‘एक्सकैलिबर’ नामक मानवरहित ‘अंडरवॉटर ड्रोन’ से प्रक्षेपित किया गया।

दस डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा, ‘‘पिछले सप्ताह ब्रिटेन के जलक्षेत्र में पहली बार ऐसा परीक्षण हुआ, जिसमें किसी देश ने चालक दल वाली पनडुब्बी के बजाय मानवरहित ‘अंडरवॉटर ड्रोन’ से टॉरपीडो दागा।’’

उसने कहा कि यह ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए पनडुब्बी प्रौद्योगिकी के भविष्य की दिशा में बड़ी प्रगति है और नाटो की समुद्र के नीचे की क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस बीच, बर्नहैम संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं, जहां वह ट्रंप और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ प्रमुख वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।

बर्नहैम ने यात्रा से पहले जारी बयान में कहा, ‘‘हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम करते हैं तो सबसे जटिल साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए हमारी ताकत बढ़ जाती है।’’

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े अवसरों और चुनौतियों का सामना करते हुए ब्रिटेन यह सुनिश्चित करेगा कि तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल जनहित में हो और इससे देश अधिक सुरक्षित एवं मजबूत बनें।

बर्नहैम ने कहा कि एआई, यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की सुरक्षा जैसे मुद्दे न्यूयॉर्क में विश्व नेताओं की बैठकों के दौरान प्रमुख एजेंडा होंगे।

उन्होंने कहा कि वह एआई पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने, यूक्रेन में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति लाने तथा पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए नये प्रयासों की वकालत करेंगे।

बर्नहैम ने न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान यह भी पुष्टि की कि जी20 नेताओं का शिखर सम्मेलन अगले साल नवंबर में मैनचेस्टर में आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं साझा लक्ष्यों, वैश्विक विकास और गंभीर चुनौतियों पर चर्चा करेंगी।

दस डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि जी20 की अध्यक्षता दिसंबर में मियामी में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिका से ब्रिटेन को मिल जाएगी।

भाषा मनीषा पारुल

पारुल


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