रचनात्मकता पर अंतिम फैसला नहीं कर सकता एआई : स्टीवन स्पीलबर्ग
रचनात्मकता पर अंतिम फैसला नहीं कर सकता एआई : स्टीवन स्पीलबर्ग
लॉस एंजिल्स, 28 मई (भाषा) स्टीवन स्पीलबर्ग कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के खिलाफ आवाज उठाने वाली फिल्मी हस्तियों में शामिल हो गए हैं। उनका कहना है कि किसी अन्य साधन की तरह इस प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना ठीक तो है, लेकिन रचनात्मक मामलों में इसे अंतिम हथियार नहीं माना जा सकता।
मिशेल ओबामा और क्रेग रॉबिन्सन के ‘‘आईएमओ’’ पॉडकास्ट में हॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग ने कहा कि यह प्रौद्योगिकी चिकित्सा समस्याओं के समाधान खोजने या स्थानों की खोज करने में उपयोगी हो सकती है, लेकिन फिल्म निर्माण में नहीं।
स्पीलबर्ग ‘जॉज’, ‘ई.टी.’, ‘इंडियाना जोन्स’, ‘शिंडलर्स लिस्ट’ और ‘लिंकन’ जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे एआई वहां पसंद नहीं है, जहां वह इंसानी रचनाकारों, खासकर लेखकों, की जगह लेने लगे।’’
स्टीवन स्पीलबर्ग ने कहा, ‘मैं किसी विकल्प को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हूं, क्योंकि मैं वास्तव में मशीनों की संवेदनशील चेतना में विश्वास नहीं करता। मेरा मानना है कि आत्मा का कोई विकल्प नहीं हो सकता। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई एल्गोरिद्म बनाया जा सकता है… अगर कोई कंप्यूटर यह सोचने लगे कि वह इंसानों से अधिक महसूस कर सकता है, तो यह मेरी सोच और मेरे काम करने के तरीके के विपरीत है।’
निर्देशक ने कहा कि वह एक ऐसे भविष्य की कल्पना कर सकते हैं जहां एआई ‘हमें बहुत सारा शारिरिक श्रम’ कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन वह इसे एक साधन से अधिक कुछ मानने को तैयार नहीं हैं।
भाषा शुभम माधव सुरेश
सुरेश

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