Asaram Surrender Today News: बलात्कार के दोषी आसाराम ने जोधपुर जेल में किया सरेंडर.. अंतरिम जमानत रद्द, पहुँचने की खबर पाकर एयरपोर्ट पर जुट गए थे समर्थक

Asaram Surrender Today News: राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम जमानत रद्द किए जाने के बाद आसाराम ने जोधपुर जेल में आत्मसमर्पण किया।

Asaram Surrender Today News: बलात्कार के दोषी आसाराम ने जोधपुर जेल में किया सरेंडर.. अंतरिम जमानत रद्द, पहुँचने की खबर पाकर एयरपोर्ट पर जुट गए थे समर्थक

Asaram Surrender Today News || Image- Univarta File

Modified Date: May 28, 2026 / 09:55 pm IST
Published Date: May 28, 2026 8:34 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत रद्द की।
  • आसाराम ने जोधपुर केंद्रीय कारागार में आत्मसमर्पण किया।
  • नाबालिग दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई।

जोधपुर: प्रवचनकर्ता आसाराम ने बृहस्पतिवार शाम जोधपुर केंद्रीय कारावास में अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इससे एक दिन पहले राजस्थान उच्च न्यायालय ने 2013 के नाबालिग से बलात्कार मामले में उनकी आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखते हुए उनकी अंतरिम जमानत रद्द कर दी थी जिसके बाद आसाराम ने यह कदम उठाया। (Asaram Surrender Today News) दिन में उनकी आगमन की खबर सुनकर बड़ी संख्या में समर्थक जोधपुर हवाई अड्डे पर जमा हो गए थे।

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बढ़ाई गई अंतरिम जमानत रद्द

आसाराम ने अपने वाहन के अंदर से अपने अनुयायियों का अभिवादन किया और उन्हें आशीर्वाद दिया और इसके बाद वह पाली गांव स्थित अपने आश्रम की ओर रवाना हुए। जोधपुर में अपने आश्रम में कुछ समय बिताने के बाद वह चिकित्सा परीक्षण के लिए एम्स गए और शाम को उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ ने बुधवार को आसाराम की अपील खारिज कर दी थी और सात जुलाई तक बढ़ाई गई अंतरिम जमानत रद्द कर दी।

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उत्तराखंड के हरिद्वार में थे आसाराम

फैसले के समय आसाराम उत्तराखंड के हरिद्वार में थे। वह अक्टूबर से जमानत पर थे। उनके वकील ने कहा था कि वह आदेश का अध्ययन कर रहे हैं और उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने के लिए आगे की कार्रवाई करेंगे। (Asaram Surrender Today News) न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने इस सनसनीखेज मामले में विस्तृत फैसला सुनाते हुए निचली अदालत द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

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