अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी अस्थायी समझ के बाद गहन वार्ता होनी चाहिए: कलास

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अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी अस्थायी समझ के बाद गहन वार्ता होनी चाहिए: कलास

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  • Publish Date - June 1, 2026 / 07:40 PM IST,
    Updated On - June 1, 2026 / 07:40 PM IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, एक जून (भाषा) यूरोपीय संघ के एक शीर्ष पदाधिकारी ने सोमवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी तरह की अस्थायी सहमति बनने के बाद तेहरान के परमाणु भंडार और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अवश्य ही गहन बातचीत होनी चाहिए।

उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान के लिए 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के सहयोग की पेशकश भी की।

यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की शीर्ष प्रतिनिधि काजा कलास ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मध्यस्थ रहा है, और इस्लामाबाद के राजनयिक प्रयासों ने दोबारा युद्ध शुरू होने से रोकने में मदद की है।

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री इसहाक डार के साथ अपनी बातचीत के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कलास ने कहा कि उनकी यह यात्रा वैश्विक और क्षेत्रीय परिवर्तनों के बीच एक महत्वपूर्ण समय पर हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर समन्वित हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडर मारे गए। ईरान ने महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली और इसका इस्तेमाल अमेरिका पर युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव बनाने में किया।

कलास ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच नाजुक युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक ‘‘बहुत बारीक राजनयिक अवसर’’ मौजूद है।

उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी, अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी अस्थायी समझौते के बाद ईरान के परमाणु भंडार और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन बातचीत होनी चाहिए।’’

ईयू पदाधिकारी ने कहा कि उनका संगठन एक स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान में योगदान देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आर्थिक प्रभाव, कठिन परिश्रम से अर्जित परमाणु विशेषज्ञता, खाड़ी देशों के साझेदारों के साथ दीर्घकालिक संबंध और ईरान के साथ प्रत्यक्ष संपर्क लेकर आए हैं।’’

उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव के बारे में भी बात की और चेतावनी दी कि हालिया संघर्ष के ‘‘गंभीर मानवीय परिणाम’’ हो सकते हैं और इससे अस्थिरता और कट्टरता बढ़ सकती है। उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने के प्रयास करने का आह्वान किया।

कलास ने कहा कि पाकिस्तान एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति और यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक वार्ता ने संबंधों को और गहरा करने के साझा संकल्प को रेखांकित किया है।

कलास ने कहा कि पाकिस्तान यूरोपीय संघ की जीएसपी+ योजना का प्रमुख लाभार्थी है, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि निरंतर पहुंच कई अंतरराष्ट्रीय समझौतों के कार्यान्वयन में प्रगति पर निर्भर करती है।

पाकिस्तान को 2014 में यह दर्जा दिया गया था, जिसे अब 2027 तक बढ़ा दिया गया है। देश को इसके तहत यूरोपीय बाजार में निर्यात पर शुल्क-मुक्त या न्यूनतम शुल्क का लाभ मिलता है।

भाषा धीरज नरेश

नरेश