CM Yogi Latest Statement on Gau Mata || Image- ANI News File
बिजनौर: पिछले दिनों बकरीद से कुछ दिन पहले गाय को ‘राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँगा जमीयत उलमा-ए-हिंद (एएम गुट) के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की तरफ से उठाई गई थी। जमीयत उलमा-ए-हिंद किस मांग को कई दूसरे मुस्लिम संगठनों ने अपना समर्थन दिया था। (CM Yogi Latest Statement on Gau Mata) इस मसले पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिलने की इच्छा जाहिर की थी। वही अब इस मांग पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया हैं। साथ उन्होंने नाराजगी भी जाहिर की है।
दरअसल आज बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किया। इस दौरान उन्होंने गौमाता के मुद्दे पर कहा कि, “मैं इस समय एक चलन देख रहा हूँ, तमाम मौलवी और मौलाना इस समय एक बयान दे रहे हैं, कह रहे हैं गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो। हमने कहा कि गौ हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है। क्या माँ और पुत्र के बीच में कुछ घोषित करने की आवश्यकता पड़ती है क्या? क्या किसी पुत्र को बताने की आवश्यकता पड़ती है कि तुम्हारी माँ है, इसका सम्मान करो?”
डबल इंजन सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान, पुनर्वास, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस क्रम में आज महात्मा विदुर की पावन नगरी जनपद बिजनौर में पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों तथा पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र… pic.twitter.com/6jxYBl4XcW
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 1, 2026
सीएम योगी ने आगे कहा कि, ‘ये हमारे संस्कार हैं। हमने अपनी माँ के बारे में जो सम्मान का भाव रखते हैं, वह भी और हमने गाय को माता माना है, तो गाय तो हमारे लिए माता है, वह पशु नहीं, पशु तुम्हारी बुद्धि है, जो तुम हमारी गौमाता को पशु बोलते हो। (CM Yogi Latest Statement on Gau Mata) तुम्हारी सोच पशुवत है, जो तुम गौमाता को पशु बोल रहे हो, और तुम्हारा ये दोगलापन है, कि जो एक ओर गौकशी को प्रश्रय देते हो।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, “मैं पूछना चाहता हूँ, ये वही लोग हैं जो हमारी गौमाता को कह रहे हैं कि राष्ट्रीय पशु नहीं, अरे गौमाता तो स्वघोषित राष्ट्रमाता है, उसको किसी को राष्ट्रमाता घोषित करने की आवश्यकता नहीं, वैसे ही जैसे हमारी माता के बारे में किसी को परिचय देने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जैसे गंगा माता के बारे में किसी को परिचय देने की आवश्यकता नहीं। हम सब गंगा माता की आरती करते हैं, गंगा पूजा करते हैं, अपने साथ गंगा पुत्र जोड़ करके अपने को सम्मानित महसूस करते हैं।”
“हमारे तीर्थ माँ गंगा के तट पर हैं, हमारे सारे संस्कार माँ गंगा के तट पर संपन्न होते हैं, क्या कोई हमें बताएगा कि गंगा हमारी माता है? (CM Yogi Latest Statement on Gau Mata) ये स्वतः स्फूर्त घोषित है, किसी आक्रांता को ये बताने की आवश्यकता नहीं,ये हमारे संस्कार हैं, हमने गौ को माता माना है, हमने गंगा को माता माना है।”
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