फॉकलैंड तेल क्षेत्र को लेकर अर्जेंटीना ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई की धमकी दी

फॉकलैंड तेल क्षेत्र को लेकर अर्जेंटीना ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई की धमकी दी

फॉकलैंड तेल क्षेत्र को लेकर अर्जेंटीना ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई की धमकी दी
Modified Date: September 29, 2026 / 03:23 pm IST
Published Date: September 29, 2026 3:23 pm IST

ब्यूनस आयर्स, 29 सितंबर (एपी) अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार विवादित और ब्रिटेन के नियंत्रण वाले फॉकलैंड द्वीप समूह के पास तेल परियोजना को लेकर ब्रिटेन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का अनुरोध करेगी।

इससे प्राकृतिक संसाधनों को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद और बढ़ गया है। तेल उत्पादन शुरू होने पर इस कम आबादी वाले दक्षिण अटलांटिक द्वीपसमूह की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आ सकता है।

मिलेई के कार्यालय ने कहा कि ब्रिटेन को ‘सी लायन’ तेल क्षेत्र पर काम रोकने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। इस परियोजना को इजराइल की ‘नवितास पेट्रोलियम’ और ब्रिटेन की ‘रॉकहॉपर एक्सप्लोरेशन’ विकसित कर रहे हैं। काम न रोके जाने पर अर्जेंटीना समुद्र के कानून पर अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण से परियोजना पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश देने का अनुरोध करेगा।

राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, ‘‘अर्जेंटीना चुपचाप नहीं बैठेगा’’ और उसने ब्रिटेन पर अर्जेंटीना के संप्रभु अधिकारों को ‘‘अपूरणीय’’ क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया।

ब्रिटेन अर्जेंटीना के संप्रभुता के दावे को खारिज करता है। उसका कहना है कि इस द्वीपवासियों को अपना भविष्य तय करने और प्राकृतिक संसाधनों के विकास का अधिकार है। वर्ष 2013 के जनमत संग्रह में फॉकलैंड के निवासियों ने ब्रिटिश विदेशी क्षेत्र बने रहने के पक्ष में भारी बहुमत से मतदान किया था।

तेल उत्पादन 2028 में शुरू होने की संभावना के बीच मिलेई ने अपना रुख और कड़ा कर लिया है। अर्जेंटीना ने परियोजना में शामिल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की धमकी भी दी है।

एपी गोला मनीषा

मनीषा


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