परमाणु वार्ता फिर से शुरू होने पर प्रमुख वार्ताकार को नये ‘उद्देश्य की भावना’ दिखी

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परमाणु वार्ता फिर से शुरू होने पर प्रमुख वार्ताकार को नये ‘उद्देश्य की भावना’ दिखी

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  • Publish Date - December 10, 2021 / 12:30 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:10 PM IST

वियना, 10 दिसंबर (एपी) अधर में पड़े ईरान और विश्व शक्तियों के बीच के 2015 के परमाणु समझौते को पटरी पर लाने के उद्देश्य से वियना में बृहस्पतिवार को फिर से बातचीत शुरू हुई। तेहरान की पिछले हफ्ते की मांगों के बाद से तनाव बढ़ा हुआ है क्योंकि यूरोपीय देशों ने इन मांगों की कड़ी आलोचना की है।

वार्ता के प्रमुख ने कहा है कि उन्हें “उद्देश्य की एक नई भावना” दिखी है।

ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के राजनयिकों ने तेहरान से ‘यथार्थवादी प्रस्तावों’ के साथ वापस आने का आग्रह किया था, जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने पिछले हफ्ते ऐसी कई मांगें की थी जिन्हें समझौते में शामिल अन्य दलों ने अस्वीकार्य समझा। पिछले हफ्ते की बातचीत पांच महीनों में पहली थी। यह अंतराल तेहरान में सत्ता संभालने वाली एक नई अनुदारवादी सरकार के कारण आया।

यूरोपीय संघ के राजनयिक एनरिक मोरा ने बृहस्पतिवार को समझौते के सभी शेष हस्ताक्षरकर्ताओं – ईरान, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और चीन की बैठक की अध्यक्षता के बाद कहा कि उन्हें ‘(समझौते) को वापस जिंदा करने की दिशा में काम करने और एक सहमति पर पहुंचने की आवश्यकता पर उद्देश्य की एक नई भावना महसूस हुई।”

मोरा ने कहा, ‘विस्तार से बातचीत द्वारा इसकी पुष्टि और समर्थन किया जाएगा या नहीं, यह हम आने वाले दिनों में देखेंगे।’ साथ ही कहा कि सकारात्मक प्रभाव की ‘जांच अभी बाकी है।’

उन्होंने कहा कि समय के साथ जल्द से जल्द किसी समझौते पर पहुंचना ‘अधिक अनिवार्य’ होता जा रहा है।

अमेरिका ने चल रही वार्ता में अप्रत्यक्ष रूप से भाग लिया है क्योंकि वह 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासन के तहत समझौते से हट गया था। राष्ट्रपति जो बाइडन ने संकेत दिया है कि वह समझौते में फिर से शामिल होना चाहते हैं।

एपी नेहा शाहिद

शाहिद