बेरूत, नौ अप्रैल (एपी) ईरान के साथ युद्ध-विराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद इजराइल ने बुधवार को मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले कई आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए जिसमें 182 लोगों की मौत हो गई।
यह इजराइल-हिजबुल्ला युद्ध के दौरान एक दिन में हुई मौत की सर्वाधिक संख्या है।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इजराइल और अमेरिका के साथ हुए युद्ध-विराम समझौते में लेबनान को शामिल किया जाना था जबकि इजराइल व अमेरिका का कहना है कि इसमें लेबनान शामिल नहीं है।
इससे पहले, इजराइल ने लेबनान पर हमले के बाद कहा था कि ईरान के साथ हुआ युद्ध-विराम समझौता लेबनान में तेहरान के समर्थन वाले चरमपंथी समूह हिजबुल्ला के साथ उसकी लड़ाई पर लागू नहीं होता।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक समाचार चैनल से कहा कि हिजबुल्ला की वजह से लेबनान को युद्ध-विराम समझौते में शामिल नहीं किया गया गया है। उन्होंने लेबनान पर इजराइल के हालिया हमलों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि “वह एक अलग लड़ाई है।”
हालांकि, समझौते में मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान ने पहले कहा था कि ईरान युद्ध में दो हफ्ते के युद्ध-विराम के तहत इजराइल अपने हमले रोक देगा।
मंत्रालय ने बताया कि लेबनान पर हुए हमलों में कम से कम 182 लोग मारे गए है और 890 अन्य लोग घायल हुए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक लेबनान में महज करीब पांच सप्ताह में 1,739 लोग मारे गए हैं और 5,873 लोग घायल हुए हैं।
इस बीच, ईरान के सरकारी मीडिया की खबर में कहा गया कि तेहरान ने लेबनान पर इजराइली हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है।
एपी सिम्मी खारी
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