Reported By: Rajesh Raj
,AI Learning With Mantra in School: छत्तीसगढ़ के स्कूलों में होगा बड़ा बदलाव, सांस्कृतिक लर्निंग के साथ होगी एआई की पढ़ाई, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बड़ा बयान / Image: AI Generated
रायपुर: AI Learning With Mantra in School छत्तीसगढ़ के स्कूलों में बड़ा बदलाव होने वाला है, जिसकी घोषणा खुद शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कर दी है। गजेंद्र यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि अब छत्तीसगढ़ के स्कूलों में राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान के साथ मंत्रोचार भी अनिवार्य होगा और मंत्रोचार के साथ ही पढ़ाई शुरू होगी। वहीं, उन्होंने ये भी कहा हे कि हम सांस्कृतिक लर्निंग के साथ-साथ बच्चों को एआई से जोड़ने वाली शिक्षा भी देंगे। बारहखड़ी से लेकर AI तक की जानकारी देंगे। उन्होंने बातया कि हर महीने दो-तीन महापुरुषों पर व्याख्यान होगा और स्कूल में लोकल तीज त्योहार मनाएंगे, योग मनाना अनिवार्य होगा। मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि 15 अप्रैल से 15 जून तक शिक्षक-प्रिंसिपल की ट्रेनिंग चलेगी, जिसमें उन्हें एआई बेस्ट ट्रेनिंग दी जाएगी।
AI Learning With Mantra in School मंत्री गजेंद्र यादव ने स्कूलों में प्राइवेट प्रकाशक की किताब बेचने और मनतानी कीमत वसूली किए जाने पर सख्त रवैया अपनाया है। उन्होंने कहा है कि हमें बहुत सारी जगह से शिकायत मिली है, हमने मुख्य सचिव से कार्रवाई करने को कहा है। मुख्य सचिव से सभी कलेक्टर को पत्र जारी किया गया है, ज्यादा रेट पर किताब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सारे जिला शिक्षा अधिकारी को भी जांच करने कहा गया है। हमने निर्देश दिया है कोई शिकायत ना भी करें और सिर्फ जानकारी भी मिले तो जिला शिक्षा अधिकारियों को कार्रवाई करनी होगी।
वहीं, दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के शैक्षणिक कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन 09 अप्रैल 2026 को दोपहर बजे पं. दीनदयाल ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में किया जाएगा। यह बैठक स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित होगी, जिसमें राज्यभर के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्य भाग लेंगे।
बैठक में आगामी शिक्षा सत्रं के बोर्ड परीक्षा परिणामों के लक्ष्य निर्धारण, नीट (NEET) एवं जी (JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों की भागीदारी और सफलता बढ़ाने की रणनीति, प्रवेश प्रक्रिया, अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार के प्रयास, पीटीए बैठकों की समीक्षा, पालक-अधिकारियों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। इसी प्रकार सह-शैक्षणिक गतिविधियों की उपलब्धियां, विद्यालयों के आकर्षक शैक्षणिक वातावरण निर्माण, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालय के उपयोग, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार तथा नवाचार गतिविधियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी संबंधित प्राचार्यों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करें।