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Middle East War Update: मिडिल ईस्ट में पिछले एक महीने से जारी तनाव और संघर्ष के बीच अब राहत की खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई है, जिससे क्षेत्र में फिलहाल तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस सीजफायर का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने किया, जिसके बाद दोनों देशों की ओर से आधिकारिक पुष्टि भी सामने आई। इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए बड़ा बयान दिया है।
Prime Minister of Israel, Benjamin Netanyahu, tweets, “… My brothers and sisters, the State of Israel has achieved tremendous victories, victories that until recently seemed utterly imaginary. Iran is weaker than ever, and Israel is stronger than ever. That is the bottom line… pic.twitter.com/3QimjhyO2j
— ANI (@ANI) April 8, 2026
उन्होंने अपने संदेश की शुरुआत “मेरे भाइयों और बहनों” शब्दों से करते हुए कहा कि इजरायल ने एक अभूतपूर्व जीत हासिल की है। उनके अनुसार, यह ऐसी जीत है जो कुछ समय पहले तक पूरी तरह से काल्पनिक लगती थी। नेतन्याहू ने अपने बयान में यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति में ईरान पहले से ज्यादा कमजोर हुआ है, जबकि इजरायल पहले की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी सभी लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं। नेतन्याहू ने अपने पोस्ट में कहा कि इजरायल के सामने अब भी कुछ उद्देश्यों को हासिल करना बाकी है। उन्होंने आगे कहा कि इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए दो रास्ते हैं-या तो ईरान के साथ किसी तरह का समझौता किया जाए या फिर जरूरत पड़ने पर दोबारा संघर्ष का रास्ता अपनाया जाए।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अमेरिका को लेकर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका को अब सीजफायर और युद्ध में से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। उनके अनुसार, अमेरिका एक साथ दोनों रास्तों पर नहीं चल सकता है। अराघची ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि या तो अमेरिका युद्धविराम लागू करे या फिर इजराइल के जरिए जारी संघर्ष को आगे बढ़ने दे, लेकिन दोनों स्थितियों को एक साथ बनाए रखना संभव नहीं है।
अपने पोस्ट में अराघची ने लेबनान में जारी हिंसा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस समय लेबनान में हो रही घटनाओं पर नजर बनाए हुए है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि अब गेंद पूरी तरह अमेरिका के पाले में है। दुनिया यह देख रही है कि अमेरिका अपने किए गए वादों पर कितना खरा उतरता है और वह किस दिशा में आगे बढ़ता है।