दो टैंकर पर हमले के बाद अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर संदेह गहराया, बहरीन में कई हिरासत में लिये गये
दो टैंकर पर हमले के बाद अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर संदेह गहराया, बहरीन में कई हिरासत में लिये गये
दुबई, नौ मई (एपी) अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक ईरान के दो तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच नाजुक युद्धविराम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
इस बीच, अमेरिकी नौसेना के क्षेत्रीय मुख्यालय की मेजबानी करने वाले बहरीन ने शनिवार को बताया कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से संबंध होने के संदेह में 41 लोगों को हिरासत में लिया है।
शुक्रवार को हुए हमलों के कारण अमेरिका एवं ईरान के बीच के नाजुक युद्धविराम को लेकर संदेह और गहरा गया है। अमेरिका युद्ध समाप्त करने, जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने से जुड़े समझौते के अपने ताजा प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।
अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसके बलों ने ईरान के उन दो टैंकर को निष्क्रिय कर दिया, जो ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इससे कुछ घंटे पहले सेना ने कहा था कि उसने नौसेना के तीन पोतों पर हमलों को नाकाम किया और जवाबी कार्रवाई में जलडमरूमध्य में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
इस बीच, बहरीन के गृह मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े एक समूह का सदस्य होने के आरोप में 41 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मंत्रालय ने कहा कि समूह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए जांच जारी है, लेकिन उसने इस संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी।
बहरीन में सुन्नी मुस्लिम राजशाही का शासन है, लेकिन ईरान की तरह इसकी अधिकांश आबादी शिया है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि बहरीन ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का बहाना बनाकर देश में असहमति को दबाने का प्रयास किया है। अमेरिका का पांचवां बेड़ा बहरीन में तैनात है।
अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को युद्ध शुरू किए जाने के बाद से ईरान ने वैश्विक ऊर्जा के लिए अहम इस जलमार्ग को काफी हद तक अवरुद्ध कर रखा है, जिससे ईंधन की कीमतों में वैश्विक स्तर पर तेज वृद्धि हुई है। अमेरिका ने भी ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी की है।
अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को दो ईरानी टैंकरों का वीडियो जारी किया, जिसमें दिखाई दे रहा है कि एक अमेरिकी लड़ाकू विमान ने उनकी चिमनियों पर हमला किया। इससे पहले एक अमेरिकी सैन्य विमान ने एक टैंकर के पतवार को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसके बारे में अमेरिकी सेना का कहना था कि वह उसकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
ईरान की न्यायपालिका से संबद्ध एक समाचार एजेंसी ने खबर दी कि अमेरिका द्वारा रात भर किए गए हमले में आग लगने से एक मालवाहक जहाज पर सवार कम से कम एक नाविक की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। यह स्पष्ट नहीं है कि यह जहाज उन दो टैंकरों में से एक है जिन पर अमेरिका ने हमला करने का दावा किया है।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘ईरना’के अनुसार, शुक्रवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि देश ‘‘समयसीमाओं’’ पर ध्यान नहीं दे रहा है और तेहरान चल रही वार्ताओं से संबंधित अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा करना जारी रखे हुए है।
ईरान के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह भी दावा किया कि देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ‘पूरी तरह से स्वस्थ’ हैं और वह अंततः सार्वजनिक रूप से उपस्थित होंगे।
रूस के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि वह और सऊदी अरब दोनों ही युद्ध को समाप्त करने के लिए एक ‘‘स्थायी, दीर्घकालिक समझौते’’ तक पहुंचने के लिए निरंतर राजनयिक प्रयासों का आह्वान कर रहे हैं।
मिस्र और कतर के शीर्ष राजनयिकों ने भी दोहराया है कि कूटनीति ही समाधान का एकमात्र रास्ता है।
एपी धीरज पवनेश
पवनेश

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