ईरान को क्षेत्रीय महाशक्ति बनाने में जुटे अयातुल्ला अली खामेनेई 86 वर्ष की उम्र में मारे गए

ईरान को क्षेत्रीय महाशक्ति बनाने में जुटे अयातुल्ला अली खामेनेई 86 वर्ष की उम्र में मारे गए

ईरान को क्षेत्रीय महाशक्ति बनाने में जुटे अयातुल्ला अली खामेनेई 86 वर्ष की उम्र में मारे गए
Modified Date: March 1, 2026 / 10:31 am IST
Published Date: March 1, 2026 10:31 am IST

दुबई, एक मार्च (एपी) अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 86 वर्ष की उम्र में मौत हो गई। खामेनेई ने 1989 से इस्लामी गणराज्य का नेतृत्व किया।

खामेनेई ने ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में दशकों तक धार्मिक सत्ता स्थापित करने और देश को एक क्षेत्रीय महाशक्ति बनाने का प्रयास किया। उनका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजराइल और अमेरिका के साथ टकराव रहा तथा उन पर देश में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को कुचलने के भी आरोप लगे।

ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इस बात की पुष्टि की कि इजराइल और अमेरिका के हमले में खामनेई मारे गए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले ही कहा था कि खामेनेई को संयुक्त अभियान में मार गिराया गया है।

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की 1989 में मृत्यु के बाद खामेनेई ने सत्ता संभाला और इस्लामी गणराज्य को पूरी तरह से नया रूप दिया। खोमैनी एक जोशीले और करिश्माई विचारक थे जिन्होंने शाह को सत्ता से बेदखल कर शिया मुस्लिम धर्मगुरुओं का शासन स्थापित किया।

उन्होंने खोमैनी से कहीं अधिक समय तक शासन किया। उन्होंने शिया धर्मगुरु वर्ग का व्यापक विस्तार किया और अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को अपने शासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनाया। धीरे धीरे रिवोल्यूशनरी गार्ड देश में प्रमुख सैन्य ताकत बन गया और बैलिस्टिक मिसाइल का शस्त्रागार का प्रमुख भी बन गया।

हालांकि अपने परमाणु कार्यक्रमों को लेकर ईरान विश्व के देशों के निशाने पर आ गया, देश पर कई प्रतिबंध लगाए गए जिससे उसकी अर्थव्यवस्था डंवाडोल होती चली गई।

इस बीच राजनीतिक दमन और लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को हवा दी।

वर्ष 2022 में महसा अमिनी की मौत से उपजे आक्रोश ने सामाजिक पाबंदियों के खिलाफ प्रदर्शनों का रूप ले लिया। महसा को हिजाब नहीं पहनने के कारण हिरासत में लिया गया था।

खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए सबसे भीषण कार्रवाई की। सुरक्षा बलों ने भीड़ पर गोलियां चलाईं, जिसमें हजारों लोग मारे गए।

इसी दौरान, सात अक्टूबर, 2023 को ईरान समर्थित हमास ने इजराइल पर हमला कर दिया जिसके बाद ईरान और इजराइल के बीच टकराव हुआ। इजराइल ने जून 2025 में ईरान पर फिर से हमला किया, जब उसने और अमेरिका ने देश के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया। इस हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी एवं परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। ईरान ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करके जवाबी कार्रवाई की।

खामेनेई की मृत्यु से इस्लामी गणराज्य के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

ईरान में 88 सीट वाली विशेषज्ञ सभा खामेनेई के उत्तराधिकारी का चुनाव करेगी। इस विशेषज्ञ सभा में अधिकतर कट्टरपंथी धर्मगुरु शामिल हैं। हालांकि अब तक कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी तय नहीं हुआ है।

एपी सुरभि संतोष

संतोष


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