इमरान खान की पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले इस्लामाबाद में सार्वजनिक सभाओं पर रोक
इमरान खान की पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले इस्लामाबाद में सार्वजनिक सभाओं पर रोक
(सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, 24 सितंबर (भाषा) पाकिस्तान के अधिकारियों ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के राजधानी में प्रस्तावित मार्च से पहले इस्लामाबाद में दो महीने के लिए सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगा दी है।
इस्लामाबाद प्रशासन ने बुधवार को जारी आदेश में कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी गई है, जिसके तहत संघीय राजधानी में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, रैलियों और प्रदर्शनों पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध उच्च सुरक्षा वाले रेड जोन सहित पूरे इस्लामाबाद में लागू होगा।
इस्लामाबाद की अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अनम फातिमा ने 18 सितंबर को जारी आदेश में कहा था कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 तत्काल प्रभाव से लागू की गई है और यह दो महीने तक प्रभावी रहेगी।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी 27 सितंबर को इस्लामाबाद में मार्च की तैयारी कर रही है। पार्टी की मुख्य मांग 2023 से विभिन्न मामलों में जेल में बंद अपने संस्थापक इमरान खान की रिहाई है।
पीटीआई नेताओं ने कहा है कि प्रदर्शन में संविधान की सर्वोच्चता और कानून के शासन की मांग भी उठाई जाएगी।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने सोमवार को कहा था कि पार्टी 25 सितंबर को प्रदर्शन की विस्तृत योजना घोषित करेगी और देशभर से कार्यकर्ताओं को जुटाएगी।
इस बीच, पंजाब सरकार ने भी पूरे प्रांत में धारा 144 लागू कर दी है और मार्च के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की मदद के लिए रावलपिंडी, अटक, झेलम और मियांवाली में रेंजर्स की तैनाती मांगी है।
अधिकारियों ने 27 सितंबर को रावलपिंडी और अटक के कुछ इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। साथ ही प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए सुरक्षा तैयारियां की जा रही हैं।
इस्लामाबाद प्रशासन ने कहा कि शांतिपूर्ण सभा और सार्वजनिक व्यवस्था अधिनियम, 2024 के तहत भी सभाओं पर रोक लगाई गई है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने 14 सितंबर को कहा था कि कोई भी राजनीतिक दल या सार्वजनिक पद पर बैठा व्यक्ति राजधानी में सड़कों को अवरुद्ध नहीं कर सकता और राजनीतिक प्रदर्शनों के लिए सरकारी कर्मचारियों या संसाधनों का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पार्टी नेताओं से मार्च पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
इस बीच, किसान इत्तेहाद नामक किसानों के समूह ने भी अपनी मांगों को लेकर इस्लामाबाद मार्च की घोषणा की है, जिसमें कृषि लागत में बढ़ोतरी से राहत की मांग शामिल है।
प्रस्तावित प्रदर्शनों को देखते हुए अधिकारियों ने इस्लामाबाद और पड़ोसी रावलपिंडी में सुरक्षा तैयारियां बढ़ा दी हैं।
भाषा नरेश
नरेश

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