एआई कंपनियों के प्रमुखों की संरा से अपील: मानवता के हित में हमारे बनाए एआई को नियंत्रित करें

एआई कंपनियों के प्रमुखों की संरा से अपील: मानवता के हित में हमारे बनाए एआई को नियंत्रित करें

एआई कंपनियों के प्रमुखों की संरा से अपील: मानवता के हित में हमारे बनाए एआई को नियंत्रित करें
Modified Date: September 24, 2026 / 11:54 am IST
Published Date: September 24, 2026 11:54 am IST

संयुक्त राष्ट्र, 24 सितंबर (एपी) प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कंपनियों के प्रमुखों ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र से मानवता को बचाने के लिए अपील करते हुये कहा कि तेजी से विस्तार कर रही इस प्रौद्योगिकी को किसी तरह नियंत्रित किया जाना चाहिए, जिसे उन्होंने ही विकसित किया है।

एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डारियो अमोदेई ने कहा, ‘‘अगर एआई का प्रबंधन ठीक से नहीं किया गया तो मेरा मानना है कि यह पूरी मानवता के लिए खतरा बन सकता है।’’

वहीं, उनकी प्रतिस्पर्धी कंपनी ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा, ‘‘हम एआई के हाथों भविष्य पर अपना नियंत्रण खो सकते हैं।’’

दोनों प्रमुखों ने कहा कि बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपनी बात रखने वाले दुनिया के देशों को इस तकनीक को इतना शक्तिशाली होने से रोकने के लिए किसी तरह के सुरक्षा उपाय तय करने होंगे, ताकि इसे नियंत्रित करना मुश्किल न हो जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एआई की शक्ति किसी एक कंपनी या देश तक सीमित न हो। उन्होंने मानवता की बेहतरी के लिए इस तकनीक के लाभों का भी उल्लेख किया और कहा कि एआई ‘‘लोगों को अपने जीवन पर अधिक नियंत्रण और शक्ति देने’’ में मदद कर सकता है।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने सुरक्षा परिषद में कहा, ‘‘ये तकनीकी नेता हमें स्पष्ट शब्दों में बता रहे हैं कि दुनिया पर किसी आपदा को आने से रोकने की जिम्मेदारी केवल उन्हीं पर नहीं छोड़ी जा सकती।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम उनकी बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते, क्योंकि वे सही कह रहे हैं।’’

मिलिबैंड ने कहा कि अगले साल जब ब्रिटेन जी-20 की अध्यक्षता करेगा तो वह एआई को नियंत्रित करने के मुद्दे को चर्चाओं के केंद्र में रखेगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ‘‘यह सुनिश्चित करने के लिए कि एआई का विकास सुरक्षित हो’’ एक समान वैश्विक मानक तैयार करना होगा।

अमेरिका के व्हाइट हाउस के विज्ञान सलाहकार माइकल क्रेटसियोस ने कहा, ‘‘एआई के नियंत्रण को लेकर चिंताएं इसके आगे के विकास को रोकने या इसे नए वैश्विक शासन ढांचे से सीमित करने का कारण नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हमारे सहयोगी और साझेदार इस तकनीक के लाभों में भागीदार बनें।’’

अमेरिका और चीन एआई में वर्चस्व के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में चीनी राजदूत फू कोंग ने जोर देकर कहा कि सभी देशों को अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार एआई तकनीक चुनने में सक्षम होना चाहिए।

उन्होंने बिना नाम लिए कुछ बड़ी शक्तियों पर ‘‘डिजिटल वर्चस्व’’ हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

कोंग ने इसके बजाय देशों से ओपन-सोर्स मॉडल को बढ़ावा देने का आह्वान किया, जो इस तकनीक को लेकर चीन का दृष्टिकोण है।

दुनिया के ज्यादातर नेताओं के लिए एआई को लेकर एक अहम सवाल यह है: जीवन और मृत्यु से जुड़े फैसलों पर नियंत्रण किसका होना चाहिए — इंसान का या मशीन का?

इससे एक दिन पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने ‘‘हत्यारे रोबोट’’ को लेकर चेताया था । विशेषज्ञों और यूरोपीय नेताओं ने कहा कि यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है, और यह एक भयावह वास्तविकता है ।

एपी रंजन मनीषा

मनीषा


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