बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग ने सरकारी अधिकारियों को जनमत संग्रह में ‘हां’ के पक्ष में प्रचार करने से रोकने का आदेश दिया

बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग ने सरकारी अधिकारियों को जनमत संग्रह में 'हां' के पक्ष में प्रचार करने से रोकने का आदेश दिया

बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग ने सरकारी अधिकारियों को जनमत संग्रह में ‘हां’ के पक्ष में प्रचार करने से रोकने का आदेश दिया
Modified Date: January 29, 2026 / 10:19 pm IST
Published Date: January 29, 2026 10:19 pm IST

ढाका, 29 जनवरी (भाषा) बांग्लादेश निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को सरकारी अधिकारियों को 12 फरवरी को आम चुनावों के साथ होने वाले आगामी जनमत संग्रह में ‘हां’ के पक्ष में मतदान के लिए प्रचार करने से बचने का निर्देश दिया और ऐसे कृत्यों को ‘दंडनीय अपराध’ करार दिया।

मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने जनमत संग्रह में ‘हां’ वोट के लिए प्रचार करने के वास्ते सरकारी अधिकारियों को शामिल किया था।

रिटर्निंग अधिकारियों को भेजे गए निर्वाचन आयोग (ईसी) के एक पत्र में कहा गया है, ‘इस तरह के प्रचार में शामिल होने से जनमत संग्रह के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं और इसलिए इसे जनमत संग्रह अध्यादेश, 2025 की धारा 21 और आरपीओ, 1972 के अनुच्छेद 86 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।’

इसमें कहा गया है कि ‘गणतंत्र की सेवा में कार्यरत व्यक्ति जनमत संग्रह के बारे में जनता को सूचित कर सकते हैं या जागरूकता बढ़ा सकते हैं, लेकिन देश के कानूनों के तहत मतदाताओं को ‘हां’ या ‘नहीं’ के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करना उनके लिए सख्त वर्जित है।’

इससे पहले सरकारी तंत्र जनमत संग्रह में ‘हां’ वोट के लिए अभियान चलाने में लगा हुआ था।

बांग्लादेश बैंक के आदेश के अनुरूप, वाणिज्यिक बैंकों ने भी सरकारी कार्यालयों के साथ ‘हां’ वोट के बैनर प्रदर्शित किए, जबकि केंद्रीय बैंक ने बैंकों से जनमत संग्रह के लिए गैर सरकारी संगठनों के अभियानों का समर्थन करने के लिए अपने सीएसआर फंड का उपयोग करने को भी कहा।

यह जनमत संग्रह युनूस द्वारा घोषित 84 सूत्री सुधार प्रस्ताव पर जनता की सहमति प्राप्त करने के लिए आयोजित किया जाना है। इसे ‘जुलाई राष्ट्रीय चार्टर-2025’ कहा जाता है।

भाषा

नोमान पवनेश

पवनेश


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