बीबीसी, बाफ्टा पुरस्कार के आयोजक ने टॉरेट सिंड्रोम से पीड़ित दर्शक की नस्ली टिप्पणी पर माफी मांगी

Ads

बीबीसी, बाफ्टा पुरस्कार के आयोजक ने टॉरेट सिंड्रोम से पीड़ित दर्शक की नस्ली टिप्पणी पर माफी मांगी

  •  
  • Publish Date - February 23, 2026 / 06:27 PM IST,
    Updated On - February 23, 2026 / 06:27 PM IST

लंदन, 23 फरवरी (एपी) ब्रिटिश एकेडमी फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स (बाफ्टा) पुरस्कारों के दौरान टॉरेट सिंड्रोम से पीड़ित एक दर्शक के नस्ली टिप्पणी करने को लेकर ब्रिटिश फिल्म अकादमी और बीबीसी ने दर्शकों से माफी मांगी है।

रविवार रात आयोजित पुरस्कार समारोह में जब ‘सिनर्स’ के अभिनेता माइकल बी जॉर्डन और डेलरॉय लिंडो ‘सर्वश्रेष्ठ विजुअल इफेक्ट’ श्रेणी के पुरस्कार दे रहे थे, तब दर्शक दीर्घा में बैठे एक दर्शक ने बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की।

समारोह के दौरान प्रस्तोता एलन कमिंग ने दर्शकों को बताया था कि आयोजन में उपस्थित अतिथियों में जॉन डेविडसन शामिल हैं, जो टॉरेट सिंड्रोम से पीड़ित लोगों के लिए काम करने वाले एक स्कॉटिश कार्यकर्ता हैं और बाफ्टा-नामांकित फिल्म ‘आई स्वियर’ उन्हीं के जीवन से प्रेरित है।

टॉरेट सिंड्रोम तंत्रिका तंत्र संबंधी एक विकार है, जिसमें पीड़ित एक ही हरकत बार-बार दोहराता है, अजीब आवाजें निकालता है और कई बार अनुचित शब्दों का उच्चारण भी करता है।

विवाद के बाद कमिंग ने लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में मौजूद दर्शकों से ‘कठोर और आपत्तिजनक भाषा’ के लिए माफी मांगी।

उन्होंने कहा, ‘‘टॉरेट सिंड्रोम एक तरह की दिव्यांगता है और आज रात आपने जो ‘टिक्स’ सुने, वे अनैच्छिक थे, जिसका अर्थ है कि टॉरेट सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति का अपनी भाषा पर कोई नियंत्रण नहीं होता। अगर आपको ठेस पहुंची हो, तो हम माफी चाहते हैं।’’

बाफ्टा ने भी कमिंग की टिप्पणी दोहराई।

लाइव कार्यक्रम के लगभग दो घंटे बाद जब बीबीसी ने समारोह का प्रसारण किया तो उसमें यह अपशब्द सुनाई दिया। बीबीसी ने सोमवार को माफी मांगी। हालांकि, उसकी स्ट्रीमिंग साइट पर यह आपत्तिजनक शब्द अब भी सुना जा सकता है।

एपी पारुल शोभना

शोभना