स्टॉर्मर से मुलाकात के बाद बोले चिनफिंग: दोनों देशों को सच्चे बहुपक्षवाद की वकालत करनी चाहिए

स्टॉर्मर से मुलाकात के बाद बोले चिनफिंग: दोनों देशों को सच्चे बहुपक्षवाद की वकालत करनी चाहिए

स्टॉर्मर से मुलाकात के बाद बोले चिनफिंग: दोनों देशों को सच्चे बहुपक्षवाद की वकालत करनी चाहिए
Modified Date: January 29, 2026 / 10:19 pm IST
Published Date: January 29, 2026 10:19 pm IST

बीजिंग/लंदन, 29 जनवरी (भाषा) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बृहस्पतिवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर से कहा कि मुक्त व्यापार का समर्थक होने के नाते दोनों देशों को संयुक्त रूप से सच्चे बहुपक्षवाद की वकालत करनी चाहिए और इसका पालन करना चाहिए।

चिनफिंग ने बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल्स’ में स्टॉर्मर के साथ मुलाकात के दौरान यह टिप्पणी की। स्टॉर्मर आठ साल में चीन का दौरा करने वाले पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के मुताबिक, चिनफिंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सही मायने में प्रभावी हो सकता है, जब सभी देश इसका पालन करें।

‘शिन्हुआ’ के अनुसार, राष्ट्रपति चिनफिंग ने कहा कि विशेष रूप से बड़े देशों को ऐसा करना चाहिए, वरना दुनिया के ‘जंगलराज’ की ओर वापस जाने का खतरा पैदा हो जाएगा।

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन चाहे कितना भी विकसित हो जाए, वह कभी भी अन्य देशों के लिए खतरा नहीं बनेगा।

लंदन में जारी एक बयान में, प्रधानमंत्री कार्यालय ‘10 डाउनिंग स्ट्रीट’ ने कहा कि दोनों नेताओं ने एक सुसंगत, दीर्घकालिक और रणनीतिक साझेदारी के निर्माण के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिससे दोनों देशों को लाभ होगा।

बयान में कहा गया है, “वे आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमत हुए, साथ ही असहमति के क्षेत्रों पर खुलकर और स्पष्ट बातचीत जारी रखने की हामी भरी। प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन के लिए चिंता का सबब बने कुछ विषयों को उठाया।”

स्टॉर्मर के साथ ब्रिटेन के लगभग 60 बड़े व्यवसायों और सांस्कृतिक संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल चीन पहुंचा है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन में उनके लिए नयी साझेदारियां बनाई जा सकती हैं और नये अवसरों के दरवाजे खुल सकते हैं।

उन्होंने कहा, “देश में विकास और समृद्धि सीधे तौर पर विदेश में विश्व की सबसे बड़ी शक्तियों के साथ हमारे संबंधों से जुड़ी हुई है।”

ब्रिटिश सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, स्टॉर्मर चीन के साथ एक नया सीमा सुरक्षा समझौता करेंगे, ताकि तस्करी करने वाले गिरोहों द्वारा अवैध रूप से प्रवासियों को ब्रिटेन में लाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीन निर्मित छोटी नावों के पुर्जों के प्रवाह को रोका जा सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल में उठाए गए कुछ कदमों को लेकर उत्पन्न परिस्थितियों के बीच बीजिंग में चिनफिंग और स्टॉर्मर की यह मुलाकात हुई। हालांकि, चिनफिंग और स्टॉर्मर ने सार्वजनिक रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम नहीं लिया।

स्टॉर्मर ने चिनफिंग से कहा, ‘‘मेरे हिसाब से, ऐसे समय में जब दुनिया मुश्किल दौर से गुजर रही है, तब जलवायु परिवर्तन और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करना ही सही मार्ग है, जिसके जरिये हमें अपने रिश्तों को आगे बढ़ाना चाहिए।”

बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल्स’ में दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात तय समय से दोगुने समय यानी लगभग 80 मिनट तक हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब कई वर्षों के तनाव के बाद दोनों देश अपने रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, खासकर ब्रिटेन में चीन की जासूसी गतिविधियों, यूक्रेन युद्ध में रूस के लिए चीन के समर्थन और हांगकांग में स्वतंत्रता पर पाबंदियों को लेकर दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी। हांगकांग एक पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश है, जिसे 1997 में चीन को सौंपा गया था।

चिनफिंग ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में चीन-ब्रिटेन के संबंध खास अच्छे नहीं रहे, जो किसी भी देश के हित में नहीं थे। मौजूदा परिस्थिति और तेजी से बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात में दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए चीन व ब्रिटेन को आपसी बातचीत व सहयोग मजबूत करने की जरूरत है।”

बैठक के बाद स्टॉर्मर ने कहा कि दोनों नेताओं ने ‘स्कॉच व्हिस्की’ पर चीन द्वारा शुल्क कम करने और ब्रिटिश यात्रियों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा शुरू करने समेत कई मुद्दों पर “वाकई अच्छी प्रगति” की है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, “दोनों के संबंध अच्छे दौर में और मजबूत स्थिति में हैं।”

चिनफिंग ने इस बात की ओर भी इशारा किया कि चीन से संबंध बढ़ाने को लेकर प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर को राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों के मुद्दे पर आलोचना झेलनी पड़ी है।

हाल में ब्रिटेन ने लंदन में चीनी दूतावास के एक बड़े परिसर के निर्माण से जुड़ी विवादास्पद योजना को मंजूरी दी है। इससे दोनों देशों के संबंध में गतिरोध तो दूर हुआ, लेकिन यह आशंका भी जताई जा रही है कि “नया दूतावास” चीन के लिए जासूसी करने और असहमति जताने वालों पर दबाव बनाने की उसकी कोशिशों को आसान बना सकता है।

चिनफिंग ने कहा, “जब कुछ अच्छा काम होता है, तो चुनौतियां भी साथ आती हैं। अगर कोई काम, देश और उसके लोगों के हित में सही है, तो नेता चुनौतियों से पीछे नहीं हटते और साहस के साथ आगे बढ़ते हैं।”

इससे पहले, स्टॉर्मर ने ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ के अध्यक्ष जाओ लेजी से मुलाकात की।

भाषा

नोमान पारुल

पारुल


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