वियतनाम के साथ ब्रह्मोस समझौते पर हुए हस्ताक्षर, इंडोनेशिया के साथ समझौता अंतिम चरण में: रक्षा सचिव

वियतनाम के साथ ब्रह्मोस समझौते पर हुए हस्ताक्षर, इंडोनेशिया के साथ समझौता अंतिम चरण में: रक्षा सचिव

वियतनाम के साथ ब्रह्मोस समझौते पर हुए हस्ताक्षर, इंडोनेशिया के साथ समझौता अंतिम चरण में: रक्षा सचिव
Modified Date: May 30, 2026 / 09:38 pm IST
Published Date: May 30, 2026 9:38 pm IST

(गुरदीप सिंह)

सिंगापुर, 30 मई (भाषा) रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शनिवार को कहा कि वियतनाम के साथ ब्रह्मोस मिसाइल समझौता हो चुका है, जबकि इंडोनेशिया के साथ इसी तरह का समझौता अंतिम चरण में है।

सिंह, ‘शांगरी-ला’ वार्ता में भाग लेने के लिए सिंगापुर में हैं और उनकी ये टिप्पणी मिसाइल प्रणाली के संभावित खरीदारों से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में आई।

उन्होंने कहा, “मेरी जानकारी के अनुसार, इंडोनेशिया और वियतनाम दोनों के साथ समझौता अंतिम चरण में है। वास्तव में, वियतनाम के साथ तो समझौता हो चुका है, हालांकि इसकी सार्वजनिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इस पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।”

फिलीपीन ने 2022 में लगभग 37.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का अनुबंध किया था और भारत से ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीदने वाला पहला देश था।

इंडोनेशिया ने मार्च में कहा था कि उसने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए एक समझौता किया है।

इस महीने की शुरुआत में ऐसी खबरें आई थीं कि वियतनाम, भारत के साथ ब्रह्मोस मिसाइल समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब है, लेकिन शनिवार को सिंह की टिप्पणी इस विषय पर सार्वजनिक रूप से पहली आधिकारिक घोषणा थी।

हालांकि, वियतनाम और इंडोनेशिया के साथ हुए समझौतों की राशि अब तक आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है।

सिंह ने उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों के साझाकरण के व्यापक मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि देश आम तौर पर परिष्कृत हथियार प्रणालियां उन देशों को बेचते हैं, जिन्हें वे मित्रवत साझेदार मानते हैं।

उन्होंने कहा, “जाहिर है, आप प्रौद्योगिकी उन्हीं लोगों के साथ साझा करते हैं, जिन पर आप भरोसा करते हैं। ”

रक्षा सचिव ने कहा, “भारत आसियान देशों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता रखता है और हम आप सभी को ‘मित्रवत विदेशी देश’ मानते हैं, जिनके साथ हम उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों को साझा कर सकते हैं।”

दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) में 11 सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यामां, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम शामिल हैं।

भाषा जितेंद्र दिलीप

दिलीप


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