ब्रिटेन ने ईरान के आईआरजीसी, उससे जुड़े समूह को खतरा मानते हुए प्रतिबंधित किया

ब्रिटेन ने ईरान के आईआरजीसी, उससे जुड़े समूह को खतरा मानते हुए प्रतिबंधित किया

ब्रिटेन ने ईरान के आईआरजीसी, उससे जुड़े समूह को खतरा मानते हुए प्रतिबंधित किया
Modified Date: July 13, 2026 / 09:33 pm IST
Published Date: July 13, 2026 9:33 pm IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 13 जुलाई (भाषा) ब्रिटेन ने सोमवार को ईरान के ताकतवर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और तेहरान से जुड़े एक दूसरे समूह पर प्रतिबंध लगाने की योजना का ऐलान किया। यह कदम ब्रिटिश धरती पर यहूदी-विरोधी हमलों और जान को जोखिम में डालने वाले खतरों के आरोपों के बाद उठाया गया है।

प्रतिबंधित संगठनों से किसी भी प्रकार के जुड़ाव को अपराध बनाने की दिशा में उठाए गए कदम के तहत, ब्रिटेन के गृह मंत्रालय में सुरक्षा राज्य मंत्री एंजेला ईगल ने ब्रिटिश संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ को बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की भूमिका पारंपरिक सैन्य बल तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि इसकी गतिविधियों में खुफिया अभियान, छद्म समूहों का इस्तेमाल और ईरान के सरकारी उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रभाव का विस्तार भी शामिल है।

ब्रिटिश सरकार ने इसके साथ ही आईआरजीसी समर्थित ‘इस्लामिक मूवमेंट ऑफ द कंपैनियंस ऑफ द राइट’ (आईएमसीआर) पर भी प्रतिबंध लगा दिया। यह कदम ब्रिटेन और यूरोप में यहूदी समुदायों को निशाना बनाकर किए गए हमलों और हमलों की कोशिशों की शृंखला के पीछे संगठन के होने के कारण उठाया गया है।

ईगल ने संसद में दिए एक लिखित बयान में कहा, “आईआरजीसी ईरान की सरकार के सुरक्षा ढांचे का एक अहम हिस्सा है और यह सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रति जवाबदेह है।”

उन्होंने कहा, “ब्रिटेन ने कहा है कि उसने अपने देश में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी ऐसी गतिविधियों की पहचान की है, जिनमें लोगों की जान को खतरा पहुंचाने और उन्हें डराने-धमकाने के प्रयास शामिल हैं। जनवरी 2024 में ब्रिटेन ने अपने देश में हत्या की धमकियों के लिए जिम्मेदार ईरानी अधिकारियों तथा विदेशों में ईरानी शासन के इशारे पर काम करने वाले आपराधिक गिरोहों पर प्रतिबंध लगाए थे।”

उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों के दायरे में लाए गए ईरानी अधिकारी आईआरजीसी की यूनिट 840 के सदस्य थे। इस इकाई का नाम उस साजिश के संबंध में सामने आया था, जिसमें ब्रिटेन में ईरान इंटरनेशनल टीवी के दो पत्रकारों की हत्या की योजना थी।”

इस सप्ताह लगाए गए यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 2026 के तहत लगाए गए हैं जिनके दायरे में रूस के सशस्त्र बलों के वॉलंटियर कॉर्प्स (जीआरयू वीसी) को भी प्रतिबंधित संगठन घोषित किया गया है।

भाषा प्रशांत अविनाश

अविनाश


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