हंटा वायरस की चपेट में आए क्रूज जहाज के ब्रिटिश यात्रियों ने 45 दिनों का पृथकवास शुरू किया

हंटा वायरस की चपेट में आए क्रूज जहाज के ब्रिटिश यात्रियों ने 45 दिनों का पृथकवास शुरू किया

हंटा वायरस की चपेट में आए क्रूज जहाज के ब्रिटिश यात्रियों ने 45 दिनों का पृथकवास शुरू किया
Modified Date: May 12, 2026 / 01:16 pm IST
Published Date: May 12, 2026 1:16 pm IST

लंदन, 12 मई (भाषा) चूहों से फैलने वाले खतरनाक ‘हंटा वायरस’ की चपेट में आए एक क्रूज शिप पर सवार सभी शेष ब्रिटिश नागरिकों की उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के एक अस्पताल में जांच की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि ये यात्री 45 दिनों के अनिवार्य पृथकवास में हैं।

यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) ने बताया कि ‘एमवी होंडियस’ जहाज से वापस लाए गए 20 ब्रिटिश नागरिकों, ब्रिटेन में रहने वाले एक जर्मन नागरिक और जापान सरकार के अनुरोध पर लाए गए एक जापानी यात्री की मर्सीसाइड के विराल स्थित ‘एरो पार्क अस्पताल’ में निगरानी की जा रही है।

अगले 72 घंटों के भीतर उनका नैदानिक परीक्षण और जांच की जाएगी, जिसके बाद संक्रामक रोग विशेषज्ञ यह तय करेंगे कि वे अपना पृथकवास सुरक्षित रूप से कहां पूरा कर सकते हैं।

ब्रिटेन की सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री शेरोन हॉजसन ने कहा, ‘किसी भी यात्री में वायरस के लक्षण नहीं दिखे हैं, लेकिन एहतियाती पृथकवास अवधि के तहत हम अस्पताल में अगले 72 घंटों तक उन पर पैनी नजर रखेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘चूंकि किसी में लक्षण नहीं हैं और हमारी निगरानी एवं पृथकवास के उपाय बेहद सख्त हैं, इसलिए आम जनता के लिए जोखिम बहुत कम है।’

इससे पहले रविवार शाम को, एक विशेष चार्टर्ड विमान के जरिए यात्रियों को स्पेन के कैनरी द्वीप समूह से मैनचेस्टर हवाई अड्डे लाया गया। ये यात्री ‘एमवी होंडियस’ नामक उस क्रूज जहाज पर सवार थे, जो हंटा वायरस के घातक प्रकोप की चपेट में आ गया था। अधिकारियों ने बताया कि स्पेन के इस क्षेत्र में फंसे विभिन्न देशों के यात्रियों को निकालने का अभियान इस सप्ताह की शुरुआत तक पूरा कर लिया जाएगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), जो इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का नेतृत्व कर रहा है, ने इसमें ‘एंडिस स्वरूप’ की पहचान की है। यह प्रजाति इंसानों के बीच सीमित संक्रमण फैलाने में सक्षम मानी जाती है, जो कि लंबे समय तक करीबी संपर्क में रहने से होता है।

इस क्रूज शिप से जुड़े प्रकोप में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन डब्ल्यूएचओ ने किसी वैश्विक महामारी के खतरे से इनकार किया है।

भाषा सुमित मनीषा

मनीषा


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