‘मिनी-सैबेटिकल’ या ‘एडल्ट गैप ईयर’ कहें, अधिक संख्या में लोग काम से दीर्घकालिक अवकाश ले रहे
‘मिनी-सैबेटिकल’ या ‘एडल्ट गैप ईयर’ कहें, अधिक संख्या में लोग काम से दीर्घकालिक अवकाश ले रहे
न्यूयॉर्क, 15 फरवरी (एपी) अगर आप काम से अवकाश लेने का सपना देखते हैं, तो शायद आपके मन में दो हफ्तों की छुट्टी या कुछ छुट्टियों के साथ आने वाले सप्ताहांत में घूमने का विचार आता होगा। लेकिन कुछ लोग इससे भी बड़ा सोचते हैं और तनाव या रोजमर्रा की दिनचर्या से लंबा अवकाश लेने के तरीके ढूंढ़ लेते हैं।
इस दीर्घकालिक अवकाश को ‘मिनी-सैबेटिकल’, ‘एडल्ट गैप ईयर’, ‘माइक्रो-रिटायरमेंट’ आदि नामों से जाना जाता है।
लंबी अवधि के अवकाश कई तरह से लिए जाते हैं जैसे कि एक नौकरी और दूसरी नौकरी के बीच के समय को घूमने-फिरने या नई चीजों को खोजने में लगाना, कंपनी की अनुमति से लंबी छुट्टी लेना, ‘डिजिटल नोमैड’ (यानी यात्रा करते हुए ऑनलाइन काम करने वाला व्यक्ति) बन जाना या बचत करके एक महीने की लंबी यात्रा का साहसिक अनुभव लेना।
खर्च, व्यक्तिगत जिम्मेदारियां और सहकर्मियों, दोस्तों व परिवार द्वारा मूल्यांकन किये जाने का डर, ये कुछ ऐसी बाधाएं हैं जो लोगों को अपने कामकाजी जीवन से विश्राम लेने और नए अनुभव या नई सोच की तलाश में निकलने से रोकती हैं।
‘सैबेटिकल’ (दीर्घकालिक अवकाश) के विशेषज्ञों और ऐसे अवकाश ले चुके लोगों के अनुसार, यही कारण है कि कई लोग चाहकर भी लंबा अवकाश नहीं ले पाते।
वाशिंगटन विश्वविद्यालय के बिजनेस स्कूल में प्रबंधन की सहायक प्रोफेसर किरा श्रैब्रम के अनुसार, अवकाश लेने के प्रति अमेरिकी दृष्टिकोण यूरोप के अधिकांश हिस्सों से भिन्न है, जहां खाली समय और आराम को प्राथमिकता दी जाती है।
यूरोपीय संघ में श्रमिकों को कानून द्वारा प्रति वर्ष कम से कम 20 दिनों की सवैतनिक छुट्टी लेने का अधिकार है।
लेकिन श्रैब्रम के अनुसार, अधिक कंपनियां अपने मूल्यवान कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए हफ्तों या महीनों की सवैतनिक या अवैतनिक छुट्टी की अनुमति दे रही हैं।
सात साल पहले, उन्होंने बर्नआउट पर अपने शोध के अनुभव को ‘सैबेटिकल प्रोजेक्ट’ में शामिल किया, जो हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के वरिष्ठ व्याख्याता डीजे डिडोना द्वारा स्थापित एक पहल है और ‘सैबेटिकल’ को ‘एक पवित्र मानवीय अनुष्ठान’ के रूप में बढ़ावा देती है, जिस तक अधिक लोगों की पहुंच होनी चाहिए।
श्रैब्रम, डिडोना और नोट्रे डेम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एमेरिटस मैट ब्लूम ने गैर-शैक्षणिक नौकरियों से लंबी छुट्टी लेने वाले 50 अमेरिकी पेशेवरों का साक्षात्कार लिया। उनके जवाबों से उन्होंने तीन प्रकार के दीर्घकालिक अवकाश की पहचान की: पहला, ऐसा अवकाश जिनमें लोग अपने किसी शौक या जुनून को आगे बढ़ाते हैं। यानी आराम के साथ अपनी पसंद का काम करना।
दूसरे तरह के अवकाश में रोमांचक साहसिक कार्यों के साथ-साथ आराम के क्षण भी शामिल थे। तीसरे तरह का अवकाश बहुत अधिक थके या मानसिक रूप से परेशान लोग लेते हैं, लेकिन जब वे ठीक हो जाते हैं तो जीवन बदल देने वाले अभियान पर निकलते हैं।
रोशिदा डोवे 39 वर्ष की थीं और कैलिफोर्निया में एक कॉर्पोरेट वकील के रूप में काम कर रही थीं, लेकिन 2018 में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। पर उन्होंने तुरंत नई नौकरी खोजने के बजाय, एक साल यात्रा करने का फैसला किया। जब उनसे बहुत से लोग यह पूछने लगे कि उन्होंने यह सब कैसे किया, तो डोवे ने ऑनलाइन करियर-ब्रेक कोच के रूप में काम करने की कोशिश करने का फैसला किया।
छुट्टी मनाने की सोच रहे लोगों के लिए खर्च एक आम बाधा है, लेकिन पेरी ने कहा कि इससे निपटने के कई रचनात्मक तरीके हैं। पेरी के पास मेक्सिको की कानूनी नागरिकता और कोलंबिया के बोगोटा में एक अपार्टमेंट है।
उन्होंने कहा, ‘‘घर की देखभाल करने की वजह से ही मैं बहुत कम काम कर पाती हूं और खूब यात्रा कर पाती हूं।’’ पेरी का एक यूट्यूब चैनल है जहां वे यात्रा करने या अश्वेत अमेरिकी के रूप में प्रवासी बनने के बारे में वीडियो पोस्ट करती हैं, वह अपने ‘सब्सक्राइबर्स’ से पैसे जुटाकर अश्वेत महिलाओं को छुट्टी पर भेजती हैं।
कलाकार एरिक रेविट्जर और एनी गैल्विन ने 2018 में सैन फ्रांसिस्को स्थित अपनी गैलरी का ज़िम्मा दो कर्मचारियों को सौंपकर गर्मियों की छुट्टियां फ्रांस और आयरलैंड में बिताई।
रेविट्ज़र ने कहा, ‘‘यह बहुत डरावना था।’’ उन्होंने खुद को काम के प्रति बेहद समर्पित और हर चीज पर नियंत्रण रखने वाला बताया। यह भरोसे की एक बड़ी परीक्षा थी।
जब वे सैन फ्रांसिस्को लौटे, तो रेविट्जर ने शहर को एक अलग नजरिए से देखा। उन्हें लगा कि उनका जीवन असंतुलित हो गया था। उनके पास बहुत अधिक काम था और प्रकृति के साथ बहुत कम समय बिताने का मौका मिलता था।
नजरिया बदलने के कारण ही इस जोड़े ने सिएरा नेवादा में एक घर खरीदा, जिसे वे सप्ताहांत के लिए एक छोटा घर समझते थे। लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान गैलरी बंद करने पर यह उनका स्थायी घर बन गया।
कॉलेज से अवकाश लेकर वेल, कोलोराडो में स्कीइंग का आनंद लेने का चस्का लगने के बाद ग्रेगरी डू बोइस अपने कॉर्पोरेट आईटी करियर के दौरान बार-बार दीर्घकालिक अवकाश लेने की राह पर चल पड़े। हर बार जब उन्होंने नई नौकरी शुरू की, तो उन्होंने पहले से ही लंबी छुट्टी की शर्त तय की। वे अपने प्रबंधकों को समझाते थे कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उन्हें बीच-बीच में अवकाश लेकर खुद को तरोताजा और ऊर्जावान रखना जरूरी है।
एपी
संतोष गोला
गोला

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