कार्नी ने कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला सहयोगी सदस्य बनने के प्रस्ताव का स्वागत किया

कार्नी ने कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला सहयोगी सदस्य बनने के प्रस्ताव का स्वागत किया

कार्नी ने कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला सहयोगी सदस्य बनने के प्रस्ताव का स्वागत किया
Modified Date: September 17, 2026 / 05:40 pm IST
Published Date: September 17, 2026 5:40 pm IST

स्ट्रासबर्ग (फ्रांस), 17 सितंबर (एपी) कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यूरोपीय संघ (ईयू) का पहला सहयोगी सदस्य बनने के लिए उनके देश को मिले प्रस्ताव का बृहस्पतिवार को स्वागत किया, लेकिन यह भी कहा कि इस गठबंधन का मतलब कोई ऐसा नया गुट बनाना नहीं है जो विश्व की बड़ी ताकतों को टक्कर दे।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि प्रस्तावित व्यवस्था एक ‘‘शत्रुतापूर्ण गतिविधि’’ हो सकती है और अगर उन्हें लगा कि इसके पीछे की मंशा दोस्ताना नहीं है, तो यूरोप पर भारी शुल्क लगाया जा सकता है। ट्रंप ने इस विचार को ‘‘हास्यास्पद’’ भी करार दिया है।

कार्नी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के प्रस्ताव के संदर्भ में यूरोपीय संसद में कहा, ‘‘हम इस महत्वाकांक्षा का स्वागत करते हैं।’’

कार्नी ने बताया कि वह क्या प्रस्ताव रख रहे हैं: व्यापार, रक्षा, जरूरी खनिज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई), ऊर्जा, अंतरिक्ष, अनुसंधान और वित्तीय सेवा के क्षेत्रों में कनाडा और यूरोप के बीच और ज़्यादा तालमेल बिठाना, ताकि दोनों पक्ष आर्थिक और भू-राजनीतिक दबावों से कम प्रभावित हों।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी बड़ी ताकत का मुकाबला करने के लिए कोई तीसरा गुट बनाने का प्रस्ताव नहीं कर रहा हूं — भले ही वह बेहतर तौर-तरीकों वाला हो। हम दूसरों पर हावी होने के लिए ताकत नहीं चाहते।’’

लेयेन ने कनाडा को ईयू का पहला सहयोगी सदस्य बनाने का प्रस्ताव रखा – यह एक ऐसा दर्जा है जो अभी ईयू की संधियों में मौजूद नहीं है और इसे सृजित करना होगा। उन्होंने कहा कि यूरोप कनाडा के साथ अपने रिश्तों को उच्चतम स्तर पर ले जाना चाहता है।

एपी सुभाष पवनेश

पवनेश


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