चीन ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने को कहा

चीन ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने को कहा

चीन ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने को कहा
Modified Date: April 16, 2026 / 02:02 pm IST
Published Date: April 16, 2026 2:02 pm IST

(के जे एम वर्मा)

बीजिंग, 16 अप्रैल (भाषा) चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा है।

तेहरान के अमेरिका के साथ युद्ध के दौरान इस अहम समुद्री मार्ग पर दबाव बढ़ाने के बीच बीजिंग की ओर यह पहली ऐसी अपील है।

वांग यी ने बुधवार को अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत के दौरान अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी मांगी।

वांग की यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान का एक मध्यस्थता प्रतिनिधिमंडल बुधवार को तेहरान पहुंचा, जहां उसने इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता के लिए नए शांति प्रस्तावों पर चर्चा की।

ईरान का करीबी सहयोगी और उसके तेल का सबसे बड़ा आयातक चीन भी अमेरिकी नाकेबंदी से बढ़ते ऊर्जा संकट को लेकर चिंतित है। इस नाकेबंदी के कारण ईरान के बंदरगाहों से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल व्यापार होता है।

इस जलडमरूमध्य को खोलना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रमुख मांगों में से एक है, इसके साथ ही वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की भी मांग कर रहे हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार वांग यी ने अराघची से कहा, ‘‘वर्तमान स्थिति संघर्ष और शांति के बीच एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है और शांति के लिए एक अवसर खुल रहा है।’’

उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के तटीय देश के रूप में ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और वैध अधिकारों व हितों का सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘इसके साथ ही जलडमरूमध्य से अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और वहां सामान्य आवागमन बहाल करने के प्रयास अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा मांग है।’’

हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की खबर के मुताबिक, अराघची ने कहा कि तेहरान को उम्मीद है कि चीन शांति स्थापित करने और संघर्ष समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए एक व्यावहारिक और तार्किक समाधान खोजने के लिए तैयार है।

इससे पहले सप्ताहांत में इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता का पहला दौर स्थायी समाधान के उद्देश्य से हुआ था, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे जटिल मुद्दों पर मतभेद बने रहने के कारण कोई समझौता नहीं हो सका। इसके बाद अमेरिका ने नाकेबंदी लागू की।

चीनी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को अमेरिकी नाकेबंदी की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘‘खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना’’ बताया और कहा कि इससे तनाव बढ़ने तथा नाजुक युद्धविराम कमजोर पड़ने का खतरा है।

भाषा गोला माधव

माधव


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