चीन ने ताइवान को अमेरिका-चीन संबंधों के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया, ताइवान ने जताई चिंता
चीन ने ताइवान को अमेरिका-चीन संबंधों के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया, ताइवान ने जताई चिंता
ताइपे, एक मई (एपी) ताइवान ने चीन के उस बयान पर शुक्रवार को चिंता जताई, जिसमें उसने कहा है कि स्वशासित ताइवान, चीन-अमेरिका संबंधों के लिए सबसे बड़ा जोखिम है।
ताइवान की सरकार ने यह चिंता चीन और अमेरिका के शीर्ष राजनयिकों के बीच हुई बातचीत के कुछ घंटे बाद बीजिंग के संबंधित बयान के बाद जताई।
ताइवान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘ताइवान का विदेश मंत्रालय चीन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति को लेकर चिंतित है… जिसमें एक बार फिर ताइवान मुद्दे पर धमकी भरी बातें की गई हैं।’’
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ हुई बातचीत में कहा कि अमेरिका को ताइवान के मुद्दे पर “सही विकल्प” चुनना चाहिए, ताकि दोनों देशों के बीच “स्थिरता” बनी रहे। यह जानकारी चीनी विदेश मंत्रालय के बयान में दी गई।
यह बातचीत उस बहुप्रतीक्षित शिखर सम्मेलन से लगभग दो हफ्ते पहले हुई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात होने की उम्मीद है।
इस बैठक में ताइवान प्रमुख मुद्दों में से एक माना जा रहा है।
चीन, ताइवान को अपना अलग हुआ प्रांत मानता है और आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग से उसे फिर से अपने नियंत्रण में लेने की बात करता है। हाल के वर्षों में चीन ने ताइवान पर सैन्य दबाव बढ़ा दिया है और लगभग रोज़ उसके आसपास युद्धपोत और सैन्य विमान भेजता रहा है।
बीजिंग अपने सभी कूटनीतिक साझेदारों को ताइवान के साथ औपचारिक संबंध रखने से भी रोकता है।
दूसरी ओर, अमेरिका, ताइवान को आधिकारिक रूप से देश के रूप में मान्यता नहीं देता, लेकिन वह द्वीप का सबसे बड़ा समर्थक और हथियार आपूर्तिकर्ता है।
ट्रंप ने पहले संकेत दिया था कि वह शी चिनफिंग के साथ ताइवान को हथियारों की बिक्री के मुद्दे पर चर्चा करेंगे, जिससे द्वीप में चिंता बढ़ गई थी।
ताइवान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह भी कहा कि चीन “हाल के दिनों में लगातार ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है” और उसने उन आरोपों का भी उल्लेख किया कि बीजिंग ने पिछले महीने ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते की अफ्रीका यात्रा की योजना को बाधित किया था।
एपी सुरेश नरेश
नरेश

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