दुर्भावनापूर्ण तरीके से एआई क्षमता हासिल करने के अमेरिकी दावों पर चीन का पलटवार
दुर्भावनापूर्ण तरीके से एआई क्षमता हासिल करने के अमेरिकी दावों पर चीन का पलटवार
बैंकॉक, नौ सितंबर (एपी) चीन ने बुधवार को अमेरिका के उन दावों पर पलटवार किया जिनमें कहा गया था कि चीनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) निर्माता अमेरिका की एआई प्रणालियों से क्षमताएं हासिल करने के लिए बड़े स्तर पर‘‘आक्रामक और दुर्भावनापूर्ण’’ कोशिशें कर रहे हैं।
एफबीआई, नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी और साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी ने मंगलवार को एक संयुक्त साइबर सुरक्षा परामर्श जारी किया। इसमें कहा गया कि चीनी एआई निर्माताओं ने ‘‘कम से कम 2024 के आखिर से अमेरिका के आधुनिक एआई मॉडल- जैसे एंथ्रोपिक के क्लाउड, ओपनएआई के जीपीटी, गूगल के जेमिनी और स्पेसएक्स एआई के ग्रोक से क्षमताएं हासिल की हैं।’’
परामर्श में चीन की कंपनियों – डीपसीक, अलीबाबा, मूनशॉट एआई और जेड.एआई का नाम लिया गया और कहा गया कि ये गतिविधियां ‘‘संभवतः चीनी सरकार की जानकारी में’’ की गईं।
बीजिंग में, विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से कहा कि वह चीन पर ‘‘बेबुनियाद आरोप लगाने या उसे बदनाम करने’’ से बचे। मंत्रालय ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों ही एआई के क्षेत्र में बड़ी ताकतें हैं और उन्हें आपसी सहयोग मजबूत करना चाहिए।
मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक नियमित प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘चीन का एआई विकास उच्च-स्तरीय तकनीकी आत्मनिर्भरता और ताकत का नतीजा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि सभी पक्षों को ऐसे एआई विकास को बढ़ावा देने के लिए सहयोग मजबूत करना चाहिए जो खुला, समावेशी, सबके लिए फायदेमंद और आम भलाई पर केंद्रित हो।’’
उम्मीद है कि इस महीने के आखिर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच होने वाली बातचीत में एआई गवर्नेंस का मुद्दा भी उठेगा।
अमेरिकी परामर्श में कहा गया कि चीनी एआई कंपनियां ‘‘अनधिकृत पहुंच पाने के लिए कई रास्तों से ‘डिस्टिलेशन’ अनुरोध भेजती हैं, जिससे अमेरिकी एआई कंपनियों की इस्तेमाल की शर्तों का उल्लंघन होता है।’’
इसमें कहा गया, ‘‘चीन स्थित एआई कंपनियां बड़े पैमाने पर आक्रामक, दुर्भावना वाली और लक्षित ‘डिस्टिलेशन’ गतिविधियों में शामिल हैं, जिनसे अमेरिकी आधुनिक एआई मॉडल की प्रतिबंधित और विशिष्ट कार्यक्षमताएं और दक्षताएं हासिल की जाती हैं।’’
एजेंसियों ने चीनी एआई कंपनियों पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिकी एआई कंपनियों के प्रमुख सब्सक्रिप्शन की थोक में (बल्क में) खरीदारी की और उन्हें अपने डेवलपर्स की टीमों में साझा करके अपने ‘डिस्टिलेशन’ अभियानों की लागत में बचत की।
एआई में ‘डिस्टिलेशन’ का मतलब एक बड़े और शक्तिशाली मॉडल के ज्ञान और जवाबों का उपयोग करके एक छोटे, सस्ते और कुशल मॉडल को प्रशिक्षित करना है।
इस सप्ताह जारी संयुक्त परामर्श में चीनी एआई डेवलपर्स के ख़िलाफ अमेरिका के पहले के आरोपों की तुलना में ज़्यादा जानकारी दी गई है। एंथ्रोपिक और ओपनएआई ने भी ऐसे ही आरोप लगाए हैं। बीजिंग का कहना है कि अमेरिका के दावे बेबुनियाद हैं।
मंगलवार को, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने डलास, टेक्सास में सदर्न मेथोडिस्ट यूनिवर्सिटी के कॉक्स स्कूल ऑफ बिजनेस में एक कार्यक्रम में कहा कि चीन एआई के मामले में अमेरिका से ‘कभी आगे नहीं निकल सकता’।
बेसेंट ने कहा, ‘‘चीनी हमारे मॉडल की नकल करते हैं, और वे हमसे कभी आगे नहीं निकल सकते।’’
डीपसीक, अलीबाबा, मूनशॉट एआई और जेड.एआई ने इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
एपी वैभव माधव
माधव

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