पाकिस्तान के कॉलेज ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बराड़ को समर्पित कक्षा की पट्टिका का अनावरण किया

पाकिस्तान के कॉलेज ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बराड़ को समर्पित कक्षा की पट्टिका का अनावरण किया

पाकिस्तान के कॉलेज ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बराड़ को समर्पित कक्षा की पट्टिका का अनावरण किया
Modified Date: June 11, 2026 / 08:52 pm IST
Published Date: June 11, 2026 8:52 pm IST

(एम जुल्करनैन)

(तस्वीर के साथ)

लाहौर, 11 जून (भाषा) पाकिस्तान के लाहौर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज ने अपने पूर्व छात्र एवं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री हरचरण सिंह बराड़ के सम्मान में एक कक्षा कक्ष को समर्पित करते हुए उसके बाहर एक पट्टिका का अनावरण किया।

बुधवार को यहां एचिसन कॉलेज में आयोजित समारोह में, बराड़ की बेटी बबली बराड़ ने अपने पिता को समर्पित कक्षा संख्या-108 की पट्टिका का अनावरण किया।

बबली के अलावा, इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य और वरिष्ठ कर्मियों के साथ-साथ ‘एचिसन कॉलेज ओल्ड बॉयज एसोसिएशन’ के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

एचिसन कॉलेज के मानद दूत डॉ. तरुणजीत सिंह बुटालिया ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘कॉलेज की कक्षा संख्या-108 के बाहर एक पट्टिका लगाई गई है और कक्षा के अंदर कॉलेज का ब्लेजर पहने हरचरण सिंह बराड़ की एक तस्वीर लगाई गई है।’’

पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री सैयद बाबर अली ने इस पट्टिका की इबारत लिखी है, जिसका अनावरण बबली बराड़ ने किया। अली इस कॉलेज में बराड़ के सहपाठी और दोस्त थे।

अली इस समारोह में ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

बुटालिया ने कहा कि कॉलेज में अली द्वारा बराड़ को कक्षा समर्पित करना उनकी 70 साल से ज्यादा पुरानी दोस्ती का एक प्रतीकात्मक संकेत है।

अली द्वारा लिखित इबारत में कहा गया है, ‘‘यह कक्षा फिरोजपुर जिले के सराई नांगा निवासी मेरे मित्र हरचरण सिंह बराड़ (1922-2009) की स्नेहपूर्ण स्मृति को समर्पित है।’’

अली ने अप्रैल 2026 में कक्षा के जीर्णोद्धार के लिए 40 लाख पाकिस्तानी रुपये दान किये थे।

हरचरण सिंह बराड़ ने 1937 में एचिसन कॉलेज में दाखिला लिया था और 1941 में सीनियर कैम्ब्रिज परीक्षा तथा 1943 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की हायर स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक हुए

वर्ष 1947 के बाद, बराड़ भारत में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए और कई सरकारों में जिम्मेदारियां निभाईं। 1995 में पंजाब के मुख्यमंत्री बनने से पहले वह दो राज्यों के राज्यपाल भी रहे। 2009 में बराड़ का निधन हो गया था।

भाषा शफीक पवनेश

पवनेश


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