बीजिंग, 12 मार्च (भाषा) शंघाई में भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने बृहस्पतिवार को एंटग्रुप की उपाध्यक्ष और वैश्विक मामलों एवं रणनीतिक विकास की प्रमुख कैरी सुएन से मुलाकात की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की।
एंटग्रुप स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में चीन के अग्रणी नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी प्रदाताओं में से एक है।
वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत द्वारा मंगलवार को चीन के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नियमों में ढील देने की मंजूरी के मद्देनजर आयोजित चर्चा में फिनटेक नवाचार, डिजिटल अर्थव्यवस्था के अवसर और आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ करने जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
माथुर ने कहा कि चर्चाओं में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कैसे उन्नत प्रौद्योगिकी और सतत विकास समावेशी विकास को गति दे सकते हैं, जैसा कि दोनों देशों में देखा जा रहा है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सतत विकास साझेदारियों को मजबूत करने से ‘ग्लोबल साउथ’ को सशक्त किया जाएगा, जिससे डिजिटल परिवर्तन सुनिश्चित होगा और सभी के लिए समृद्धि सुनिश्चित करने वाले किफायती समाधान बनाए जा सकेंगे।
आर्थिक रूप से कम संपन्न देशों के संदर्भ में ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।
भाषा आशीष पवनेश
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