इस्लामाबाद, 12 मार्च (भाषा) पाकिस्तान की अदालत ने बृहस्पतिवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने संबंधी याचिका खारिज कर दी और उनकी चिकित्सीय जांच के लिए चिकित्सकों का एक दल गठित करने का आदेश दिया।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने दो मार्च को अधिवक्ता लतीफ खोसा के माध्यम से इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) में याचिका दायर कर खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शीफा अंतरराष्ट्रीय अस्पताल में आंखों के उपचार के लिए स्थानांतरित करने की मांग की थी।
न्यायमूर्ति अरबाब मोहम्मद ताहिर और न्यायमूर्ति खादिम हुसैन सूमरो ने मामले की सुनवाई की। खोसा ने अपनी दलीलें पेश कीं, जबकि इस्लामाबाद के महाधिवक्ता अयाज शौकत और अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल राशिद हाफीज सरकार की ओर से पेश हुए।
खोसा ने अदालत को बताया कि खान अपनी दाहिनी आंख की दृष्टि में गिरावट की शिकायत कर रहे थे। हालांकि उनका इलाज पाकिस्तान आयुर्विज्ञान संस्थान(पीआईएमएस) में किया गया था, लेकिन उनके परिवार और कानूनी टीम को उनकी चिकित्सा प्रक्रिया के बारे में सूचित नहीं किया गया था।
दलील सुनने के बाद, अदालत ने खान को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की याचिका को नामंजूर कर दिया। हालांकि, इसने इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त मुहम्मद अली रंधावा को खान की जांच के लिए एक चिकित्सा बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया।
अदालत ने आदेश दिया कि पीआईएमएस के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख डॉ. मुहम्मद आरिफ और रावलपिंडी के अल-शीफा नेत्र अस्पताल के रेटिना विशेषज्ञ डॉ. नदीम कुरैशी को बोर्ड में शामिल किया जाए।
खान पिछले साल अक्टूबर से दाहिनी आंख की बीमारी से पीड़ित बताए जा रहे हैं और उनका उपचार चल रहा है। सरकार के अनुसार, चिकित्सा उपचार के बाद उनकी आंख और दृष्टि दोनों में सुधार हुआ है।
72 वर्षीय खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और अल कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में अदियाला जेल में सजा काट रहे हैं।
भाषा रंजन रंजन नरेश
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