किसी भी समुदाय के प्रति भेदभाव स्वीकार्य नहीं: सिंगापुर के प्रधानमंत्री वोंग

किसी भी समुदाय के प्रति भेदभाव स्वीकार्य नहीं: सिंगापुर के प्रधानमंत्री वोंग

किसी भी समुदाय के प्रति भेदभाव स्वीकार्य नहीं: सिंगापुर के प्रधानमंत्री वोंग
Modified Date: September 6, 2026 / 07:28 pm IST
Published Date: September 6, 2026 7:28 pm IST

(गुरदीप सिंह)

सिंगापुर, छह सितंबर (भाषा) सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने रविवार को कहा कि देश को किसी भी समुदाय के खिलाफ पूर्वाग्रह को कभी स्वीकार्य या सामान्य नहीं बनने देना चाहिए। उनका यह बयान नेपाल-तिब्बत में आई बाढ़ की त्रासदी और सिंगापुर एयरलाइंस-एअर इंडिया साझेदारी को लेकर ऑनलाइन नस्लवादी और विदेशियों के प्रति नफरत भरी टिप्पणियां सामने आने के कुछ दिनों बाद आया है।

‘चैनल न्यूज एशिया’ ने वोंग के हवाले से कहा, “हम मजबूती से और खुलकर बहस कर सकते हैं। लेकिन हमें कभी भी तथाकथित वैध तर्कों की आड़ में किसी समुदाय के खिलाफ पूर्वाग्रह या विदेशियों के प्रति शत्रुता को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।’’

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी सिंगापुर के वरिष्ठ मंत्री के. शणमुगम के बयान के एक दिन बाद आई है। शणमुगम ने कहा था कि पुलिस नेपाल-तिब्बत बाढ़ त्रासदी और सिंगापुर एयरलाइंस (एसआईए) के एअर इंडिया में निवेश को लेकर ऑनलाइन की गई “शर्मनाक” और “पूरी तरह अस्वीकार्य” नस्लवादी एवं विदेशियों के प्रति नफरत भरी टिप्पणियों की जांच कर रही है।

वोंग ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि इन दोनों मामलों पर ऑनलाइन चर्चाओं में “एक बदसूरत पक्ष” सामने आया है।

उन्होंने कहा कि नेपाल-तिब्बत आपदा में लापता नौ सिंगापुर नागरिकों में से कुछ को निशाना बनाते हुए ऑनलाइन नस्लवादी टिप्पणियां की गईं। वहीं, एसआईए के एअर इंडिया में निवेश को लेकर उठाए गए सवालों के साथ ‘‘भारत विरोधी अपशब्दों’’ का भी इस्तेमाल किया गया।

वोंग ने कहा, ‘‘अगर इस तरह के व्यवहार पर रोक नहीं लगाई गई तो यह सामान्य बात बन सकती है, समुदायों के बीच अविश्वास को बढ़ा सकती है और हमें एक-दूसरे से दूर कर सकती है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस घटनाक्रम पर अपने कैबिनेट सहयोगियों से चर्चा की है और इसी वजह से शणमुगम ने भी इस मुद्दे पर बात की।

सिंगापुर की कुल आबादी 60 लाख से ज़्यादा है। इनमें से 75 प्रतिशत चीनी, 15 प्रतिशत मलय, लगभग नौ प्रतिशत भारतीय और बाकी दूसरे देशों के लोग हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री और वर्तमान में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ली सीन लूंग ने भी सिंगापुर के लोगों से अपील की कि वे “जाति, भाषा या धर्म की परवाह किए बिना एक-दूसरे के साथ खड़े रहें।”

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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