वर्षों तक भारत के खिलाफ यूरोपीय हथियारों का इस्तेमाल किया गया : जयशंकर
वर्षों तक भारत के खिलाफ यूरोपीय हथियारों का इस्तेमाल किया गया : जयशंकर
हेलसिंकी, 12 जून (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत के रुख की यूरोप द्वारा की गई आलोचना का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि यूरोप ऐसे हथियार बेचता है जिनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया जाता है, जबकि नयी दिल्ली ने कभी उस महाद्वीप को खतरे में डालने वाला कोई काम नहीं किया है।
बृहस्पतिवार को फिनलैंड में ‘कुलतारंता टॉक्स’ के दौरान जयशंकर ने यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस से कच्चा तेल खरीदने के भारत के फैसले को सही ठहराया और इस बात को खारिज कर दिया कि नयी दिल्ली ने इस संघर्ष पर ‘‘नैतिक रूप से अस्पष्ट’’ रुख अपनाया है।
रूस के साथ भारत के रिश्तों और रूसी तेल के लगातार आयात को लेकर यूरोप में हो रही आलोचना के बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा, ‘‘किसी भी यूरोपीय देश पर भारतीय हथियारों से हमला नहीं किया गया है। काश मैं भारत के मामले में यूरोपीय हथियारों के बारे में भी यही कह पाता। इसलिए इस बात को ध्यान में रखें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय देश ऐसे हथियार बेचते हैं जिनका इस्तेमाल भारत पर हमले के लिए किया जाता है। ऐसा अभी नहीं, बल्कि कई वर्षों से हो रहा है।’’
विदेश मंत्री का यह बयान पाकिस्तान को कई यूरोपीय देशों द्वारा लंबे समय से हथियार और सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति के संदर्भ में था।
जयशंकर ने कहा, ‘‘हम भारतीयों ने कभी यूरोप को खतरे में डालने वाला कोई काम नहीं किया है।’’
उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा खरीद आर्थिक कारणों और वैश्विक बाजार की वास्तविकताओं पर आधारित है।
जयशंकर ने कहा कि भारत लागत और उपलब्धता के आधार पर तेल खरीदता है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ, तो उस समय बाजार में ज्यादातर तेल रूस का ही उपलब्ध था, क्योंकि यूरोपीय देश मुख्य रूप से पश्चिम एशिया से तेल खरीद रहे थे, जो हमारी पारंपरिक आपूर्ति थी। इसलिए हालात ने हमें एक खास दिशा में आगे बढ़ने के लिए मजबूर किया।’’
भाषा शफीक माधव
माधव

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