सबसे कठिन समय में भी नयी शुरुआत की संभावनाएं बरकरार रहती हैं: भारतीय-अमेरिकी लेखिका मोनिका सैगल

सबसे कठिन समय में भी नयी शुरुआत की संभावनाएं बरकरार रहती हैं: भारतीय-अमेरिकी लेखिका मोनिका सैगल

सबसे कठिन समय में भी नयी शुरुआत की संभावनाएं बरकरार रहती हैं: भारतीय-अमेरिकी लेखिका मोनिका सैगल
Modified Date: September 20, 2026 / 04:04 pm IST
Published Date: September 20, 2026 4:04 pm IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 20 सितंबर (भाषा) अपनी नयी किताब को लेकर उत्साहित भारतीय-अमेरिकी प्रसिद्ध लेखिका मोनिका सैगल को उम्मीद है कि ‘‘नए सिरे से शुरुआत और दूसरे अवसरों’’ का उनका संदेश पाठकों को पसंद आएगा।

सैगल की इस किताब में सबसे कठिन समय में भी नयी शुरुआत की संभावनाओं की तलाश की गई है।

सैगल की 14वीं किताब ‘द लोटस ब्लूम्स ट्वाइस : स्टोरीज ऑफ लव, लाइफ एंड रिडेम्पशन’ का विमोचन एक अक्टूबर को होगा।

यह किताब नए सिरे से जीवन शुरू करने और दूसरे अवसरों पर आधारित लघु कथाओं का संग्रह है, जो ‘‘जीवन के मध्य काल में रचनात्मकता और नवीनीकरण’’ के विषय को एक स्वाभाविक मंच प्रदान करती है।

सैगल इससे पहले कथा साहित्य, पाक कला से जुड़ी किताबें, कविताएं और बच्चों के साहित्य सहित विभिन्न विधाओं में किताबें लिख चुकी हैं।

पुरस्कार विजेता लेखिका सैगल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि किताब पढ़ने के बाद पाठक यह विश्वास लेकर लौटेंगे कि हम जरूरत पड़ने पर जितनी बार चाहें, फिर से उठ खड़े हो सकते हैं। जीवन जब बेहद अंधकारमय लग रहा हो, तब भी उसमें नए सिरे से शुरुआत और उम्मीद की हमेशा संभावना होती है।’’

उन्होंने कहा कि किताब की कुछ कहानियां उन मुद्दों से जुड़ी हैं, जिनके बारे में लोग ‘‘अक्सर खुलकर बात नहीं करते’’। इनमें उत्पीड़न, अकेलापन, चिंता, दुख और इच्छाएं जैसे विषय शामिल हैं।

लेखिका ने कहा, ‘‘कथा साहित्य हमें इन चर्चाओं में शामिल होने का एक सहज और संवेदनशील रास्ता देता है। सबसे बढ़कर, मेरी उम्मीद है कि किताब पढ़ने वाला कोई व्यक्ति यह सोचे कि ‘अगर वह इन (विषम) परिस्थितियों से निकल सकती है, तो शायद मैं भी ऐसा कर सकता/सकती हूं’।’’

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश


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