कोलंबो, आठ मई (भाषा) श्रीलंकन एयरलाइंस के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कपिला चंद्रसेना संदिग्ध परिस्थितियों में शुक्रवार को अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
चंद्रसेना को राष्ट्रीय विमानन कंपनी के लिए विमान खरीद में कथित दलाली लेने के मामले में मार्च में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। उन्हें मंगलवार को जमानत मिली थी।
सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) एफ यू वूटलर ने कहा कि चंद्रसेना का शव उनके घर से बरामद किया गया।
‘डेली मिरर’ अखबार के अनुसार, पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि उनकी मौत फांसी लगाने से हुई।
यह घटनाक्रम कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट असांगा एस बोडारगामा द्वारा चंद्रसेना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के एक दिन बाद सामने आया है। उन पर अदालत द्वारा निर्धारित जमानत शर्तों के उल्लंघन का आरोप था।
अभियोजन पक्ष ने मंगलवार को कोलंबो मुख्य मजिस्ट्रेट अदालत को बताया था कि इस मामले के मुख्य आरोपी तथा श्रीलंकन एयरलाइंस के पूर्व सीईओ कपिला चंद्रसेना ने पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को छह करोड़ श्रीलंकाई रुपये की रिश्वत देने की बात स्वीकार की थी।
चंद्रसेना ने कहा था कि 2015 में राजपक्षे के राष्ट्रपति रहने के दौरान उन्हें दक्षिणी ग्रामीण क्षेत्र स्थित उनके आवास पर तीन बार में दो-दो करोड़ श्रीलंकाई रुपये दिए गए थे।
हालांकि, उनके वकीलों ने अदालत में दायर हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि उनका बयान दबाव में दर्ज कराया गया था।
राजपक्षे सरकार में विमानन मंत्री रहे प्रियंकरा जयरत्ना पर भी 2014 में छह एयरबस विमान और 2017 में सात एयरबस विमान खरीद सौदे में रिश्वत का एक हिस्सा लेने का आरोप है।
राष्ट्रीय विमानन कंपनी में 2011 से 2015 तक सीईओ रहे चंद्रसेना पर एयरबस से कथित तौर पर दलाली लेने और रकम उनकी पत्नी के खाते में जमा कराए जाने का आरोप है।
दोनों को 2019 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे जमानत पर बाहर थे।
भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने 2024 में नया भ्रष्टाचार निरोधक कानून लागू होने के बाद इस मामले में सुनवाई फिर से शुरू की थी।
राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके के नेतृत्व वाली मौजूदा नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) सरकार ने 2024 के चुनावों से पहले सार्वजनिक जीवन में शुचिता लाने और उच्च पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया था।
भाषा मनीषा प्रचेता वैभव
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