विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा, इन चार दवाओं का कोविड-19 के इलाज में बेहद कम या बिल्कुल प्रभाव नहीं…देखिए

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा, इन चार दवाओं का कोविड-19 के इलाज में बेहद कम या बिल्कुल प्रभाव नहीं...देखिए

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा, इन चार दवाओं का कोविड-19 के इलाज में बेहद कम या बिल्कुल प्रभाव नहीं…देखिए
Modified Date: November 29, 2022 / 08:35 pm IST
Published Date: October 16, 2020 3:00 pm IST

जिनेवा, 16 अक्टूबर (एपी) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कोविड-19 उपचार को लेकर विश्व भर में बड़े स्तर पर किए गए अलग-अलग अध्ययन से इस बात के ”निर्णायक साक्ष्य” मिले कि गंभीर रूप से बीमार लोगों पर रेमसिविर दवा का बेहद कम प्रभाव रहा अथवा यह बिल्कुल भी कारगर साबित नहीं हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीमार पड़ने पर उपचार के लिए इस दवा का उपयोग किया गया था। डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को अपने छह माह लंबे चले एक समग्र चिकित्सा विज्ञान परीक्षण के नतीजों की घोषणा की।

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इस परीक्षण का मकसद यह जानना था कि वर्तमान में उपलब्ध दवाएं कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार में कितनी प्रभावी हो सकती हैं। अध्ययन में सामने आया कि उपचार में उपयोग की गई दवाओं रेमडेसिविर, हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन, लोपिनाविर/रिटोनाविर और इंटरफेरोन का कोविड-19 मरीजों पर या तो बेहद कम असर हुआ अथवा बिल्कुल भी कारगर साबित नहीं हुईं।

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अमेरिका ने मलेरिया के इलाज में उपयोग की जाने वाली रेमडेसिविर दवा को विशेष परिस्थितियों में कोविड-19 के इलाज में उपयोग के लिए वर्गीकृत किया है। साथ ही ब्रिटेन और यूरोपिय संघ ने भी कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के लिए इस दवा को मंजूरी दी हुई है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मार्टिन लेंड्रे ने कहा कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और लोपिनाविर को लेकर डब्ल्यूएचओ द्वारा किए गए अध्ययन के नतीजे लगभग उसी दिशा में हैं, जैसा कि ब्रिटेन में उनके सह-नेतृत्व में किए गए अध्ययन में सामने आए थे। उन्होंने एक बयान में कहा कि डब्ल्यूएचओ के अध्ययन से सबसे अहम निष्कर्ष यह निकलकर आया है कि कोविड-19 के इलाज में रेमडेसिविर का कोई खास प्रभाव नहीं है।

 


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com