सरकार एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों की संख्या सीमित करे, चोटी पर बढ़ रही भीड़:कामी रीता
सरकार एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों की संख्या सीमित करे, चोटी पर बढ़ रही भीड़:कामी रीता
काठमांडू, 22 मई (एपी) ‘माउंट एवरेस्ट’ पर इस सप्ताह रिकॉर्ड 32वीं बार फतह हासिल करने वाले एक मशहूर नेपाली गाइड ने शुक्रवार को अधिकारियों से दुनिया की इस सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों की संख्या सीमित करने का आग्रह किया।
इस मौसम में चीन द्वारा तिब्बत की ओर से पर्वतारोहण मार्ग बंद किए जाने के कारण, नेपाल की तरफ से 8,849 मीटर ऊंची इस चोटी की चढ़ाई करने वाले लोगों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। एवरेस्ट पर नेपाल की तरफ से दक्षिणी मार्ग या चीन की तरफ से उत्तरी मार्ग, दोनों ओर से चढ़ाई की जा सकती है।
बीते बुधवार को रिकॉर्ड 274 पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट फतह किया, जो नेपाल की तरफ से एक ही दिन में चोटी पर पहुंचने वालों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। नेपाल के पर्वतारोहण अधिकारियों द्वारा इस बार कुल 494 पर्वतारोहियों को परमिट जारी किए गए हैं और इतनी ही संख्या में शेरपा गाइड भी उनके साथ जा रहे हैं।
एवरेस्ट से लौटने के बाद काठमांडू हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कामी रीता शेरपा ने कहा, ‘पिछले साल की तुलना में इस साल पर्वतारोहियों की संख्या अधिक होने के कारण बहुत ज्यादा भीड़ थी। अधिकारियों को इस संख्या को नियंत्रित करने की आवश्यकता है।’
आमतौर पर पर्वतारोहियों को चोटी पर चढ़ाई करने के लिए अनुकूल मौसम के बहुत कम अवसर मिलते हैं। ऐसे में एक ही ‘तय रस्सी के सहारे कतार में बड़ी संख्या में लोगों के प्रतीक्षा करने से भीड़ बढ़ने का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे पर्वतारोहियों को इंतजार करने के कारण लंबे समय तक बेहद खराब और जोखिमभरे मौसम का सामना करना पड़ता है।
इस बीच, कामी रीता के सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी पासांग दावा शेरपा ने शुक्रवार को 31वीं बार एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक कदम रखा। इस सप्ताह यह उनकी दूसरी सफल चढ़ाई थी।
56 वर्षीय कामी रीता ने पहली बार 1994 में एवरेस्ट फतह किया था और तब से वह लगभग हर साल इस यात्रा पर जा रहे हैं।
एपी
सुमित संतोष
संतोष

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