भारत से हसीना का प्रत्यर्पण ‘कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है’ : बीएनपी प्रमुख

भारत से हसीना का प्रत्यर्पण ‘कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है’ : बीएनपी प्रमुख

भारत से हसीना का प्रत्यर्पण ‘कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है’ : बीएनपी प्रमुख
Modified Date: February 14, 2026 / 11:02 pm IST
Published Date: February 14, 2026 11:02 pm IST

ढाका, 14 फरवरी (भाषा) बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने शनिवार को कहा कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना का प्रत्यर्पण ‘‘कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है।’’

बीएनपी नेता की यह टिप्पणी यहां संवाददाता सम्मेलन में उनके एक वरिष्ठ सहयोगी द्वारा पार्टी के उस दृढ़ रुख को दोहराने के एक दिन बाद आईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी हसीना को भारत से प्रत्यर्पित करके उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग करेगी।

रहमान की बीएनपी ने बृहस्पतिवार को हुए ऐतिहासिक संसदीय चुनावों में दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ शानदार जीत हासिल की।

देश में छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 15 साल के शासन के बाद पांच अगस्त 2024 को सत्ता से हटना पड़ा था। उसके बाद से वह भारत में रह रही है।

उनकी अनुपस्थिति में चले मुकदमे के बाद,78 वर्षीय हसीना को नवंबर 2025 में देश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) द्वारा मानवता के विरुद्ध अपराधों का दोषी पाया गया था और मौत की सजा सुनाई गई थी। उनके सहयोगी एवं पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को भी इसी तरह के आरोपों में मौत की सजा सुनाई गई थी।

हसीना और उनके कई मंत्रियों के खिलाफ कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। यूनुस की सरकार ने अवामी लीग को 13वें संसदीय चुनाव में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया था।

‘ढाका ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार, शनिवार को पार्टी की भारी चुनावी जीत के बाद पहले संवाददाता सम्मेलन के दौरान, रहमान से जब पूछा गया कि क्या बीएनपी भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करेगी तो उन्होंने कहा, ‘‘यह कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है।’’

रहमान ने चुनावों में भाग लेने वाली कई पार्टियों के बारे में बात की, लेकिन उन्होंने अवामी लीग का जिक्र नहीं किया।

रहमान ने कहा, ‘‘एक लोकतांत्रिक देश और राजनीतिक व्यवस्था में, राजनीतिक दल ही लोकतंत्र के सच्चे प्रतीक होते हैं।’’ हालांकि, उन्होंने अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को हटाने के अपने रुख पर कोई टिप्पणी नहीं की।

बीएनपी नेता ने कहा कि चुनाव में लगभग 50 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में आपके (दलों के) विचार और दृष्टिकोण हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।’’

इससे पहले शुक्रवार को, बीएनपी के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, ‘‘विदेश मंत्री पहले ही उनके (हसीना के) प्रत्यर्पण के मामले को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर चुके हैं, और हम भी इसका समर्थन करते हैं।’’

नवंबर 2025 के फैसले के बाद, बांग्लादेश ने भारत को पत्र भेजकर उनके प्रत्यर्पण की मांग की थी।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, ‘‘न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत इस अनुरोध की जांच की जा रही है।’’

उन्होंने कहा था, “हम बांग्लादेश के लोगों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जिनमें शांति, लोकतंत्र, समावेश और स्थिरता शामिल हैं और इस संबंध में सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक रूप से बातचीत जारी रखेंगे।”

भाषा

देवेंद्र रंजन

रंजन


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