पाकिस्तान की अदालत ने मुस्लिम से जबरन ब्याही गई हिंदू लड़की को उसके माता-पिता को सौंपा

पाकिस्तान की अदालत ने मुस्लिम से जबरन ब्याही गई हिंदू लड़की को उसके माता-पिता को सौंपा

पाकिस्तान की अदालत ने मुस्लिम से जबरन ब्याही गई हिंदू लड़की को उसके माता-पिता को सौंपा
Modified Date: September 1, 2026 / 04:30 pm IST
Published Date: September 1, 2026 4:30 pm IST

लाहौर, एक सितंबर (भाषा) पाकिस्तान की एक अदालत ने उस हिंदू लड़की को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है जिसे एक मुस्लिम व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर रिश्ते में फंसाया था और बाद में इस्लाम अपनाने तथा शादी करने के लिए उस पर दबाव डाला था।

लड़की के भाई रविशंकर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, सिंध के संघार जिले की खिपरो तहसील में राणा राजपूत कॉलोनी की रहने वाली रीता (21) पिछले हफ्ते अपने घर से लापता हो गई थी।

रविशंकर ने आरोप लगाया कि परिवार के घर की सीसीटीवी फुटेज में 24 अगस्त को कुछ अनजान लोग उनकी बहन को कीमती सामान और मोबाइल फोन के साथ ले जाते हुए दिखे।

शिकायत के अनुसार, रीता को पंजाब के गुजरांवाला ले जाया गया, जो लाहौर से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। वहां उस पर इस्लाम अपनाने और पहले से शादीशुदा नज़ीर हुसैन से शादी करने के लिए दबाव डाला गया।

बाद में, पंजाब पुलिस ने रीता को बरामद कर लिया और सोमवार को उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया।

कार्यवाही के दौरान, जांच अधिकारी ने अदालत से कहा कि रीता अपने माता-पिता के पास वापस नहीं जाना चाहती, इसलिए उसे सरकारी आश्रय गृह ‘दारुल-उल-अमान’ में रखा जाना चाहिए।

मंगलवार को अदालत के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हालांकि, उसके (रीता) वकीलों – असद जमाल और खेता राम – ने इस अनुरोध का विरोध किया तथा अदालत को बताया कि रीता अपने भाई के साथ घर लौटना चाहती है, जो अदालत में मौजूद था।’’

मजिस्ट्रेट ने रीता से शपथ के तहत अपना बयान दर्ज कराने को कहा।

उन्होंने कहा, ‘‘रीता ने अपने बयान में कहा कि वह अपनी मर्ज़ी से अपने माता-पिता के घर लौटना चाहती है।’’

इसके बाद, अदालत ने उसे उसके भाई के साथ जाने की अनुमति दे दी और उसे उसकी सुरक्षित अभिरक्षा एवं संघार में उसके परिवार के घर तक पहुँचाने की जिम्मेदारी सौंपी।

पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग के अनुसार, देश में हर साल अल्पसंख्यक समुदाय की सैकड़ों लड़कियों को जबरन, अपहरण या दबाव के जरिए धर्म बदलने और शादी करने के लिए मजबूर किया जाता है।

भाषा नेत्रपाल रंजन

रंजन


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