भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हमलों की निंदा की

भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हमलों की निंदा की

भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हमलों की निंदा की
Modified Date: March 30, 2026 / 10:52 pm IST
Published Date: March 30, 2026 10:52 pm IST

संयुक्त राष्ट्र, 30 मार्च (भाषा) भारत ने लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हालिया हमलों की सोमवार को निंदा की और सभी पक्षों से शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

अदचित अल कुसैर के पास लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के एक ठिकाने पर 29 मार्च को हुए मिसाइल हमले में एक इंडोनेशियाई शांति रक्षक मारा गया। हमले में एक अन्य शांति रक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने यूएनआईएफआईएल में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हालिया हमले की निंदा की।

भारतीय मिशन ने एक बयान में कहा, ‘‘हम यूएनआईएफआईएल में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हालिया हमलों की निंदा करते हैं और शहीद हुए शांति सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। हम सभी पक्षों से शांति सैनिकों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हैं।’’

बयान में कहा गया, ‘‘संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़े और लंबे समय से योगदान देने वाले देशों में से एक होने के साथ-साथ, और इस उद्देश्य के लिए सबसे अधिक बलिदान देने वाले देशों में शामिल भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 का नेतृत्व किया, जिसका उद्देश्य शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना है। हम इस प्रयास को आगे भी जारी रखेंगे।’’

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 2589 सदस्य देशों से यह आग्रह करता है कि वे अपने यहां संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के दौरान संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की हत्या करने वाले दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। साथ ही, यह प्रस्ताव शांति अभियानों में तैनात संयुक्त राष्ट्र कर्मियों के खिलाफ हिंसा के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर देता है। इस प्रस्ताव को अगस्त 2021 में भारत की अध्यक्षता के दौरान 15 सदस्यीय परिषद ने अपनाया था।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की।

भाषा आशीष अमित

अमित


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