भारत ने रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदने की नयी रूचि दिखाई है: रूसी उपप्रधानमंत्री नोवाक

भारत ने रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदने की नयी रूचि दिखाई है: रूसी उपप्रधानमंत्री नोवाक

भारत ने रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदने की नयी रूचि दिखाई है: रूसी उपप्रधानमंत्री नोवाक
Modified Date: March 4, 2026 / 12:29 am IST
Published Date: March 4, 2026 12:29 am IST

मॉस्को, तीन मार्च (भाषा) रूस ने मंगलवार को दावा किया कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के कारण होर्मूज जलडमरूमध्य बंद होने के चलते ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के बाद भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदने को लेकर “नए सिरे से दिलचस्पी” दिखाई है।

दुनियाभर में तेल की आपूर्ति के लिए होर्मूज जलडमरूमध्य बहुत महत्वपूर्ण मार्ग है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई के बाद जलडमरूमध्य में व्यवधान पैदा हो गया है।

रूस के उपप्रधानमंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने मॉस्को में एक कार्यक्रम से इतर सरकारी टीवी रोसिया से कहा, “हां, हमें भारत की तरफ से नयी दिलचस्पी के संकेत मिल रहे हैं।”

दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का 20 प्रतिशत हिस्सा और तरलीकृत प्राकृतिक गैस निर्यात का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इस संकीर्ण जलमार्ग से गुजरता है। यह फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है।

होर्मूज जलडमरूमध्य के लंबे समय तक प्रभावित रहने पर भारत, चीन और जापान समेत प्रमुख आयातकों को होने वाली ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।

रूस के ऊर्जा क्षेत्र की देखरेख करने वाले नोवाक ने इस संभावना से इंकार नहीं किया कि यूरोपीय संघ भी ऊर्जा संकट को देखते हुए रूस के हाइड्रोकार्बन आयात में कटौती के अपने फैसले में ढील बरत सकता है।

भाषा जोहेब सुभाष

सुभाष


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